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हाथरस 03 जून । जिला क्षय रोग अधिकारी, हाथरस ने बताया कि 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत गांव-गांव और शहर-शहर चलाए जा रहे विशेष खोज अभियान के तहत आज टीयू मुरसान के हाई रिस्क गांव टुकसान में विशेष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की टीबी जांच की गई तथा अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इस दौरान रक्तचाप (बीपी), ब्लड शुगर, हीमोग्लोबिन एवं बीएमआई सहित विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। जांच के उपरांत जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाओं का वितरण भी किया गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों, बचाव के उपायों तथा समय पर उपचार के महत्व के बारे में जागरूक किया। अभियान में टीबी हेल्थ विजिटर, एक्स-रे टेक्नीशियन अर्पित सिंह, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी शुभम यादव, आशा कार्यकर्ता लज्जावती एवं पिंकी, ग्राम प्रधान मुकेश कुमार सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों ने सक्रिय सहभागिता निभाई और अधिक से अधिक लोगों की एक्स-रे जांच सुनिश्चित कराई। इस अवसर पर टीबी चैंपियन रीमा ने अपने अनुभव साझा करते हुए ग्रामीणों को जागरूक किया। उन्होंने बताया कि निजी चिकित्सकों द्वारा उन्हें टीबी होने की जानकारी दी गई थी, जिसके बाद उन्होंने टीबी अस्पताल जाकर सीबी-नॉट मशीन से बलगम की जांच कराई। जांच में उन्हें मल्टी ड्रग रेजिस्टेंट (एमडीआर) टीबी की पुष्टि हुई। चिकित्सकों ने बताया कि पहली बार हुई टीबी के बाद बीमारी अधिक गंभीर रूप ले चुकी थी और रिफैम्पिसिन दवा प्रभावी नहीं हो रही थी। रीमा ने बताया कि उन्होंने सरकारी अस्पताल से नियमित रूप से एमडीआर टीबी की दवाएं लीं और आज पूरी तरह स्वस्थ हैं। उन्होंने कहा कि उपचार के दौरान सरकार द्वारा उनके बैंक खाते में प्रतिमाह 1000 रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई तथा निक्षय मित्र द्वारा पोषण पोटली भी उपलब्ध कराई गई। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि टीबी रोग को छिपाएं नहीं, बल्कि खुलकर इसकी जानकारी दें, सीबी-नॉट मशीन से बलगम की जांच कराएं तथा सरकारी अस्पतालों से निःशुल्क दवाएं लेकर नियमित उपचार करें। जिला क्षय रोग अधिकारी ने बताया कि यदि किसी व्यक्ति को बलगम वाली खांसी, बलगम में खून आना, लगातार बुखार, सीने में दर्द, शरीर के किसी हिस्से में गांठ होना, अचानक वजन कम होना, रात में अत्यधिक पसीना आना, पुरानी बीमारी या लगातार थकान जैसे लक्षण दिखाई दें, तो उन्हें नजरअंदाज न करें। ऐसे लक्षण होने पर तुरंत निकटतम सरकारी अस्पताल में जाकर चिकित्सकीय परामर्श एवं जांच करानी चाहिए।

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