वन्देमातरम के 150 वर्ष पर चौथा कवि सम्मेलन आयोजित, रामवीर उपाध्याय स्मृति सम्मान सांसद अनूप प्रधान को दिया गया
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वन्देमातरम के 150 वर्ष पर चौथा कवि सम्मेलन आयोजित, रामवीर उपाध्याय स्मृति सम्मान सांसद अनूप प्रधान को दिया गया

September 2, 2026
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हाथरस 02 सितंबर। वन्देमातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित कवि सम्मेलनों की श्रृंखला के चौथे कार्यक्रम का आयोजन काका हाथरसी स्मारक भवन में किया गया। ब्रज कला केन्द्र, राष्ट्रीय कवि संगम एवं संस्कार भारती के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कवि सम्मेलन में साहित्य, कला और

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हिमाचल प्रदेश की कक्षा-4 की हिंदी पाठ्यपुस्तक में शामिल हुई हाथरस के साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला की प्रार्थना
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हिमाचल प्रदेश की कक्षा-4 की हिंदी पाठ्यपुस्तक में शामिल हुई हाथरस के साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला की प्रार्थना

September 1, 2026
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हाथरस 01 सितम्बर। साहित्यकार एवं प्रख्यात कुण्डलियाकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला की साहित्यिक उपलब्धियों में एक और महत्वपूर्ण अध्याय जुड़ गया है। हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड, धर्मशाला द्वारा नई शिक्षा नीति के आधार पर कक्षा-4 के विद्यार्थियों के लिए प्रकाशित हिंदी पाठ्यपुस्तक ‘वीणा-II’ में उनकी प्रार्थना ‘ऐसा वर दो’ को

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हिंदी साहित्य पर माधव शर्मा के दो शोध पत्र प्रकाशित
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हिंदी साहित्य पर माधव शर्मा के दो शोध पत्र प्रकाशित

August 24, 2026
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हाथरस 24 अगस्त । शहर के आशीर्वाद गार्डन निवासी और शोधार्थी माधव शर्मा के हिंदी साहित्य विषय पर दो शोध पत्र प्रकाशित हुए हैं। आरपीएम कॉलेज में हिंदी विषय के सहायक प्राध्यापक माधव शर्मा के शोध पत्र छायावाद और राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर के साहित्य पर केंद्रित हैं। उनका पहला

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आंध्र प्रदेश की पाठ्यपुस्तकों में गूंजेगी हाथरस के साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला की रचनाएं
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आंध्र प्रदेश की पाठ्यपुस्तकों में गूंजेगी हाथरस के साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला की रचनाएं

August 8, 2026
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हाथरस 08 अगस्त। जिले के साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला की रचनाएं अब आंध्र प्रदेश के छात्र विभिन्न कक्षाओं में पढ़ेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 और 21वीं सदी के कौशलों के अनुरूप आंध्र प्रदेश सरकार की कक्षा सात की द्वितीय भाषा हिंदी की पाठ्य-पुस्तक ‘कुसुम’ में त्रिलोक सिंह ठकुरेला

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सुरजीत मान जलईया सिंह की नई रचना ” प्रधान ”
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सुरजीत मान जलईया सिंह की नई रचना ” प्रधान ”

April 14, 2021
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पीठ पीछे जानता है क्या क्या कहते लोग हैं? सामने आता नहीं है कोई भी रघुराज के। जीतकर आया प्रधानी रोब थानेदार का। रोज दुगना बढ़ रहा है कद भी अब किरदार का। छटपटाती है खजूरी बोलती कुछ भी नहीं जैसे पंजों में फंसी हो एक चिड़िया बाज़ के। सामने

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अवशेष मानवतावादी का गीत – फिर भी ईश्वर के होने का होता है अहसास

November 17, 2019
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ना तो कोई भी सबूत है ना गवाह है पास। फिर ईश्वर भी के होने का होता है अहसास।। तोड़ तोड़कर कण को हमने कण कण में तोड़ा। फिर कण के टूटे कण कण को आपस में जोड़ा।। तत्व तत्व में छिपे तत्व का सारा तत्व निकाला, धरती क्या अम्बर

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शिव कुमार ‘दीपक’ की बाल रचना

July 28, 2018
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झूला लेकर आया सावन । हरियाली ले वर्षा आयी । बच्चों ने ली मन अंगड़ाई ।। दादुर पपिहा नाचे मोर । काली कोयल करे कनकोर ।। धानी चूँदर ओढ़े धरती । रिमझिम रिमझिम बरसा बरसी । छुक – छुक बच्चे रेल चलाते । हँसते गाते खूब नहाते ।। नदिया पोखर

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अकबर सिंह अकेला की एक कविता –

July 27, 2018
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वर्षा झमझम हो रही, मौसम भी परवान। हवा निराली चल रही, पंछी गाउत गान।। दिन में अँधियारी झुकी, बिल्कुल रात समान। लुका छिपी बदरा करें, सूरज अंतर ध्यान।। सांय काल में लग रहा, कबहुं न बरसो नीर | धूप खिली राहत मिली, बदलो रुखहिं समीर || अकबर सिंह अकेला मानिकपुर,

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यशोधरा यादव ‘यशो’का एक नवगीत

July 15, 2018
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लेखनी कुछ गीत लिख दुःखित जन को प्रीति लिख . कामनाओं की लता जब पुष्प से सज्जित हुई यंत्रवत कर्मों से हटकर प्रीति प्रतिबिम्बत हुई छंद के स्वर्णिम सवेरों की नयी रणनीति लिख लेखनी………… सूखते संबंध की टहनी पर कलियां खिल उठें बैठे जो अनजान बन मन मीत बन मिल

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कु० राखी सिंह शब्दिता की गजल

July 3, 2018
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ग़ज़ल तुमको भी मुहब्बत है बता क्यूं नहीं देते । रस्मों को वफ़ाओं की निभा क्यूं नहीं देते ।। हंसकर के मुझे देते हैं वो दर्दे- जुदाई ; ज़ख्मों की मगर मुझको दवा क्यूं नहीं देते ।। आँखों में कहीं दर्द समन्दर सा है गहरा ; जी भर के मुझे

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