बुद्धिमानों के हृदय में हमें मूर्खता के बीज बोने हैं ताकि सम्पूर्ण राष्ट्र मूर्खिस्तान...

हाथरस 01 अप्रैल | बृज कला केंद्र तथा राष्ट्रीय कवि संगम के बैनर तले मूर्ख दिवस का आयोजन हुआ । आज कोरोनावायरस के कहर...

नितान्शी अग्रवाल की नई रचना – ‘बस तुझे सोचती हूँ’

तेरे चेहरे के नूर से, तेरे दिल की दूरी तक। तेरे पास होने से, तेरे रूठ जाने तक। बस तुझे सोचती हूँ।। वो बारिश की बूंद से, सूरज की किरण...

अवशेष मानवतावादी का गीत – फिर भी ईश्वर के होने का होता है अहसास

ना तो कोई भी सबूत है ना गवाह है पास। फिर ईश्वर भी के होने का होता है अहसास।। तोड़ तोड़कर कण को हमने कण कण में तोड़ा। फिर...

नगला भूड में भाईचारा सेवा समिति के तत्वावधान में हुआ कवि सम्मेलन का आयोजन

सिकंदराराऊ 04 अगस्त |  भाईचारा सेवा समिति के तत्वावधान में लालाराम महाविद्यालय नगला भूड में एक कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता वरिष्ठ...

शिव कुमार ‘दीपक’ की बाल रचना

झूला लेकर आया सावन । हरियाली ले वर्षा आयी । बच्चों ने ली मन अंगड़ाई ।। दादुर पपिहा नाचे मोर । काली कोयल करे कनकोर ।। धानी चूँदर...

अकबर सिंह अकेला की एक कविता –

वर्षा झमझम हो रही, मौसम भी परवान। हवा निराली चल रही, पंछी गाउत गान।। दिन में अँधियारी झुकी, बिल्कुल रात समान। लुका छिपी बदरा करें, सूरज अंतर ध्यान।। सांय काल में लग...

यशोधरा यादव ‘यशो’का एक नवगीत

लेखनी कुछ गीत लिख दुःखित जन को प्रीति लिख . कामनाओं की लता जब पुष्प से सज्जित हुई यंत्रवत कर्मों से हटकर प्रीति प्रतिबिम्बत हुई छंद के...

कु० राखी सिंह शब्दिता की गजल

ग़ज़ल तुमको भी मुहब्बत है बता क्यूं नहीं देते । रस्मों को वफ़ाओं की निभा क्यूं नहीं देते ।। हंसकर के मुझे देते हैं वो दर्दे- जुदाई...

शिव कुमार ‘दीपक’ की कुंडलियां

पानी की महिमा बड़ी , पानी जग का सार । समझो वह बेकार है , जो ना पानीदार ।। जो ना पानीदार ,नदी,नल,सर, तरु,जलधर । करें नही...

‘आह का अनुवाद’ गीतकार – इन्द्रपाल सिंह “इन्द्र”

------आह का अनुवाद----- अश्रु की गंगा नयन से पीर ने जब-जब उतारी, याद आती है तुम्हारी....याद आती है तुम्हारी.... मौन साधा है अधर ने पूर्ण है पर...

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