अकबर सिंह अकेला की कविता पानी – पानी

पानी पानी नहिं रहा, पानी बना विशेष | मात भारती कौ भुवहिं, रूप कुरूपहिं भेष ||1|| तापमान की बेरुखी, इसकी कुत्सित चाल | जन मानस का हो रहा,...

माँ पर शिव कुमार ‘दीपक’ के मार्मिक दोहे

जननी करती उम्र भर , जीवन पथ आलोक । माँ के आगे क्षुद्र हैं , धरा, गगन , सुरलोक ।।-1 घाट-घाट का जल पिया, बुझी न मन की...

शिव कुमार “दीपक” के गीत

गीत- छलक आँख से आँसू आये छलक आँख से आँसू आये । मन की लागी कौन बुझाये ।। सूरज का रथ जब आता है । तन मन में...

अवनीश यादव के दस दोहे

जो करते माँ बाप का, निज कर से अपमान। कभी न होगा जगत में, उनका तो यशगान।। जब जब माँ ने गोद में, लेकर किया दुलार। जन्नत...

कु० राखी सिंह शब्दिता द्वारा रचित सरस्वती वंदना

शारदे माँ शारदे तू , ज्ञान हम पर वार दे । दूर कर अज्ञान का तम, अब जहां को तार दे ।। वंदना से आरती हो,...

होली पर शिव कुमार ‘दीपक’ की कलम ✍ से कुछ खास-

होली के रंग, दीपक के संग रंग पर्व अब देश में, लाये नई बहार । जले होलिका द्वेष की, मन में पनपे प्यार ।। रीत प्रेम सद...

कवि शिव कुमार ‘दीपक’ की रचना

"दीपक "की कुण्डलियां कन्या बोली गर्भ से , माँ मत मुझको मार । मैं भी तेरा रूप हूँ , कुछ तो सोच विचार ।। कुछ तो सोच विचार , बनूँ...

प्रोमिस डे पर विष्णु सक्सेना की कलम से कुछ खास-

हम हैं शीशे से टूट जाएंगे, तुम न आये तो रूठ जाएंगे, कोशिशें कामयाब होती है- वादे जितने हैं टूट जाएंगे। मेरे सांचे में ढल के देख ज़रा, दो...

टेडीबियर डे पर विष्णु सक्सेना की एक खास रचना-

हम अंधेरे नहीं उजाले हैं, आपके साथ रहने वाले हैं प्यार से बांह में भरो, हम भी टेडीबीयर से भोले भाले हैं ज़िंदगी ग़म से जोड़ मत देना, बुलबुला...

आज चॉकलेट डे पर प्रसिद्द कवि विष्णु सक्सेना की कविता

बुझ न पाए वो प्यास मत देना, कोई लम्हा उदास मत देना, घोल दे ज़िंदगी मे कड़वाहट- ऐसी मुझको मिठास मत देना। द्वार जब दिल के खोल देती...

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