कु० राखी सिंह शब्दिता की गजल

ग़ज़ल तुमको भी मुहब्बत है बता क्यूं नहीं देते । रस्मों को वफ़ाओं की निभा क्यूं नहीं देते ।। हंसकर के मुझे देते हैं वो दर्दे- जुदाई...

शिव कुमार ‘दीपक’ की कुंडलियां

पानी की महिमा बड़ी , पानी जग का सार । समझो वह बेकार है , जो ना पानीदार ।। जो ना पानीदार ,नदी,नल,सर, तरु,जलधर । करें नही...

‘आह का अनुवाद’ गीतकार – इन्द्रपाल सिंह “इन्द्र”

------आह का अनुवाद----- अश्रु की गंगा नयन से पीर ने जब-जब उतारी, याद आती है तुम्हारी....याद आती है तुम्हारी.... मौन साधा है अधर ने पूर्ण है पर...

मंदसौर घटना पर एक ज्वलन्त कविता अवशेष मानवतावादी द्वारा

मंदसौर घटना पर एक ज्वलन्त कविता ................................................... मंदसौर की घटना ने फिर से जनमानस हिला दिया। तार तार मानवता कर दी दानवता को खिला दिया।। आग क्रोध की...

यशोधरा यादव ‘यशो’ का नव गीत “सम्बोधनों के मौन”

हो गये हैं शब्द क्यों सम्बोधनों के मौन . खींचता नैराश्य जग में जिन्दगी को कौन. खिलखिलाहट हो गई गुजरे समय की बात , अब नहीं होती...

संजीव गौतम की ग़ज़लें

एक दरोगा है वो दुनिया का दरोगाई दिखाता है। जिसे चाहे बनाता है, जिसे चाहे मिटाता है। अमन के दुश्मनों को रात में वो देके बंदूके, सुबह से...

अकबर सिंह अकेला की कविता पानी – पानी

पानी पानी नहिं रहा, पानी बना विशेष | मात भारती कौ भुवहिं, रूप कुरूपहिं भेष ||1|| तापमान की बेरुखी, इसकी कुत्सित चाल | जन मानस का हो रहा,...

माँ पर शिव कुमार ‘दीपक’ के मार्मिक दोहे

जननी करती उम्र भर , जीवन पथ आलोक । माँ के आगे क्षुद्र हैं , धरा, गगन , सुरलोक ।।-1 घाट-घाट का जल पिया, बुझी न मन की...

शिव कुमार “दीपक” के गीत

गीत- छलक आँख से आँसू आये छलक आँख से आँसू आये । मन की लागी कौन बुझाये ।। सूरज का रथ जब आता है । तन मन में...

अवनीश यादव के दस दोहे

जो करते माँ बाप का, निज कर से अपमान। कभी न होगा जगत में, उनका तो यशगान।। जब जब माँ ने गोद में, लेकर किया दुलार। जन्नत...

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