अलीगढ़ 29 मई । अनुसंधान उत्कृष्टता को बढ़ावा देने और शोध गतिविधियों को नई दिशा देने के उद्देश्य से मंगलायतन विश्वविद्यालय में विश्वविद्यालय अनुसंधान परिषद (यूआरसी) की बैठक कुलपति सभागार में आयोजित की गई। अनुसंधान और विकास प्रकोष्ठ के तत्वावधान में आयोजित बैठक की अध्यक्षता कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने की। जिसमें शोध की गुणवत्ता, नवाचार और भविष्य की रणनीतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने कहा कि शोध संस्थान की रीढ़ होते हैं। उन्होंने शोध संस्कृति को मजबूत करने और गुणवत्तापूर्ण शोध को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। बैठक में पिछली बैठक की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा की गई और आगामी सत्र के लिए नए शोध प्रस्तावों को हरी झंडी दी गई। एजेंडा के मुख्य बिंदुओं में संकाय सदस्यों द्वारा कई पेटेंट और कॉपीराइट प्रकाशित/स्वीकृत पर चर्चा हुई। विभिन्न सरकारी एजेंसियों को भेजे गए एक्सट्राम्यूरल फंडिंग के प्रोजेक्ट्स और विश्वविद्यालय द्वारा आवंटित सीड मनी प्रोजेक्ट्स की प्रगति पर संतोष व्यक्त किया गया। हिंदी भाषा में स्कोपस इंडेक्स्ड जर्नल्स की अनुपलब्धता के कारण शोधार्थियों को आ रही समस्याओं पर विचार किया गया और प्रकाशन के लिए वैकल्पिक मानदंडों पर मंथन हुआ। प्रदान की गई पीएचडी डिग्रियों की रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। साथ ही आईआईसी व यूआईआईसी की गतिविधियों की भी समीक्षा की गई। डायरेक्टर रिसर्च प्रो. अशोक पुरोहित ने एजेंडा प्रस्तुत किया। कुलसचिव मनोज के. ने अतिथि परिचय कराते हुए सभी सदस्यों का आभार व्यक्त किया। बैठक में डीबीआरएयू के पूर्व कुलपति प्रो. अशोक मित्तल, संयुक्त कुलसचिव प्रो. दिनेश शर्मा, डीन रिसर्च प्रो. रविकांत, डीन एकेडमिक प्रो. अम्बरीष शर्मा, प्रो. राजीव शर्मा, प्रो. राजेश उपाध्याय, प्रो. शिवराज सिंह त्यागी, प्रो. अशोक उपाध्याय, डा. रामकुमार पाठक आदि उपस्थित रहे।