सिकन्दराराऊ 26 अगस्त। कासगंज रोड स्थित समाजसेवी आकाश दीक्षित के ममता फार्म हाउस पर चल रहे भव्य श्री शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ के आठवें दिन श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। कथा का शुभारंभ विधिवत व्यास पीठ पूजन, पुष्पार्चना एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। व्यास पीठ की पूजा-अर्चना ब्लॉक प्रमुख मुरसान रामेश्वर उपाध्याय ने विधि-विधान से की। उन्होंने व्यास पीठ पर पुष्प अर्पित कर भगवान शिव का स्मरण किया तथा दीप प्रज्वलित कर कथा के मंगलमय आयोजन की कामना की। इस दौरान पूरा कथा परिसर भगवान शिव की भक्ति और जयकारों से गूंज उठा। कथा के आयोजक आकाश दीक्षित ने मुख्य अतिथि रामेश्वर उपाध्याय का पगड़ी, अंगवस्त्र एवं स्मृति चिह्न भेंट कर जोरदार स्वागत एवं सम्मान किया। उन्होंने भाजपा नेता सोमेश यादव, छात्र नेता शुभम वार्ष्णेय सहित कथा में पहुंचे सभी श्रद्धालुओं एवं गणमान्य लोगों का स्वागत किया। आयोजक आकाश दीक्षित ने कहा कि श्री शिव महापुराण कथा का उद्देश्य भगवान शिव की भक्ति, उनके आदर्शों और सनातन संस्कृति के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि धार्मिक आयोजनों के माध्यम से समाज में आध्यात्मिक चेतना, संस्कार और आपसी भाईचारे की भावना को मजबूत किया जा सकता है।
आठवें दिन कथा व्यास सतगुरु शरण देव महाराज अयोध्याधाम ने श्रद्धालुओं को भगवान शिव की भक्ति का सार समझाते हुए शिव आराधना के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान शिव की भक्ति केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि मनुष्य को अपने जीवन में संयम, सदाचार, सेवा और सकारात्मक विचारों को अपनाने की भी प्रेरणा देती है। उन्होंने श्रद्धालुओं से नियमित रूप से भगवान शिव का स्मरण करने तथा मन, वचन और कर्म से शिव आराधना करने का आह्वान किया। कथा व्यास ने पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन की महिमा का वर्णन करते हुए कहा कि श्रद्धा और विधि-विधान से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण कर भगवान शिव का पूजन करने से साधक को आध्यात्मिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है। उन्होंने रुद्राभिषेक की महिमा पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रुद्राभिषेक भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, भक्ति और समर्पण का प्रतीक है। जब भक्त पूर्ण श्रद्धा के साथ भगवान शिव का रुद्राभिषेक करता है तो उसके मन में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और उसकी आस्था और अधिक मजबूत होती है।
कथा के दौरान कथा व्यास द्वारा भगवान शिव की महिमा का वर्णन किए जाने पर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। जैसे-जैसे कथा आगे बढ़ी, पंडाल में ‘हर हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारे गूंजते रहे। भजनों और भगवान शिव के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने कथा का श्रवण किया और भगवान शिव की भक्ति में डूबे नजर आए। श्रद्धालुओं ने कथा के दौरान शांतिपूर्वक बैठकर शिव महापुराण की अमृतमयी कथाओं का रसपान किया। इस अवसर पर विष्णु शर्मा, मुकेश शर्मा, हर्ष पाठक, राजकुमार शर्मा, भूपेंद्र उपाध्याय, नरेश चतुर्वेदी, विनोद गोस्वामी, मनीष शर्मा, राकेश यादव, बृजबिहारी कौशिक, अंश शर्मा, मनोज उपाध्याय, सतीश शर्मा, सजल पंडित, हृदेश चौहान, रानू पंडित, अरविंद भारद्वाज, विशाल राज प्रधान एवं पार्थ शर्मा सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजक मंडल की ओर से कथा में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बैठने, पेयजल सहित अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुचारू रूप से संचालित की गईं। कथा के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और आस्था का माहौल देखने को मिला।













