
हाथरस 26 अगस्त। बाजार में चीनी की कीमतों में उतार-चढ़ाव और जमाखोरी की आशंका को देखते हुए शासन एवं जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्र सरकार के निर्देशों के क्रम में जिलाधिकारी अतुल वत्स ने जनपद में चीनी के डीलरों एवं व्यापारियों के लिए स्टॉक सीमा निर्धारित कर दी है। नए आदेश के तहत अब कोई भी कारोबारी 4000 क्विंटल से अधिक चीनी का स्टॉक अपने पास नहीं रख सकेगा। प्रशासन का यह आदेश 30 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। जारी आदेश के अनुसार व्यापारियों को चीनी का स्टॉक प्राप्त होने की तारीख से 30 दिनों से अधिक समय तक उसे होल्ड या स्टोर करके रखने की अनुमति नहीं होगी। हालांकि सरकारी वितरण प्रणाली यानी सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) एवं राशन की दुकानों के लिए निर्धारित स्टॉक को इस स्टॉक लिमिट के दायरे से बाहर रखा गया है। प्रशासन का उद्देश्य बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखना और अनावश्यक जमाखोरी के कारण कीमतों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर प्रभावी नियंत्रण रखना है।
आदेश के तहत जिले के सभी चीनी डीलरों एवं संबंधित विधिक इकाइयों के लिए खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर पंजीकरण कराना अनिवार्य किया गया है। व्यापारियों को पोर्टल पर अपने पास उपलब्ध चीनी के कुल स्टॉक की स्थिति घोषित करनी होगी। इसके साथ ही प्रत्येक शुक्रवार को स्टॉक की स्थिति अपडेट करना भी अनिवार्य होगा, ताकि प्रशासन को बाजार में चीनी के वास्तविक स्टॉक की नियमित जानकारी उपलब्ध हो सके। प्रशासन ने उन व्यापारियों के लिए भी समयसीमा निर्धारित की है, जिनके पास वर्तमान में निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक मौजूद है। ऐसे व्यापारियों को 30 दिनों के भीतर अपने स्टॉक को निर्धारित 4000 क्विंटल की सीमा के अंदर लाना होगा। इसके बाद निर्धारित सीमा से अधिक स्टॉक पाए जाने पर संबंधित कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलवार जांच समितियां गठित
स्टॉक लिमिट के आदेश का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी अतुल वत्स ने तहसीलवार विशेष जांच समितियों का गठन किया है। संबंधित तहसील के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) को समिति का अध्यक्ष बनाया गया है। वहीं क्षेत्रीय विपणन अधिकारी अथवा निरीक्षक, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अथवा पूर्ति निरीक्षक तथा संबंधित मंडी सचिव को समिति का सदस्य बनाया गया है। गठित समितियां चीनी व्यापारियों द्वारा आधिकारिक पोर्टल पर घोषित किए गए स्टॉक का प्रत्येक सप्ताह धरातल पर भौतिक सत्यापन करेंगी। इसके तहत पोर्टल पर दर्ज स्टॉक और व्यापारी के वास्तविक गोदाम या प्रतिष्ठान में मौजूद चीनी के स्टॉक का मिलान किया जाएगा। जांच के बाद समिति को सत्यापन रिपोर्ट प्रत्येक मंगलवार दोपहर 12 बजे तक जिला खाद्य विपणन अधिकारी के ई-मेल पर अनिवार्य रूप से भेजनी होगी।
प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि भौतिक सत्यापन के दौरान कोई व्यापारी अवैध जमाखोरी या निर्धारित सीमा से अधिक चीनी का स्टॉक रखता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ नियमानुसार विधिक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन द्वारा गठित जांच समितियां बाजार में स्टॉक की स्थिति पर लगातार नजर रखेंगी। प्रशासन की इस सख्ती के बाद चीनी कारोबारियों में हलचल है। अधिकारियों का कहना है कि स्टॉक लिमिट और नियमित सत्यापन का उद्देश्य व्यापारियों को परेशान करना नहीं, बल्कि बाजार में चीनी की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करना और जमाखोरी जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है, ताकि आम उपभोक्ताओं को अनावश्यक मूल्य वृद्धि का सामना न करना पड़े।










