
सादाबाद 14 अगस्त। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का चार सूत्रीय मांगों को लेकर तहसील परिसर में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना आज को चौथे दिन भी जारी रहा। किसान 24 घंटे धरना स्थल पर डटे हुए हैं। किसान नेताओं ने साफ कहा कि जब तक प्रशासन और सरकार उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेताओं का कहना है कि क्षेत्र के किसान लगातार आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं। बढ़ती लागत के बावजूद फसलों का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सरकार से किसानों की समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर तत्काल राहत देने की मांग की। किसानों की पहली मांग आलू के कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा पूरी तरह माफ करने की है। किसान नेताओं का कहना है कि भंडारण का खर्च बढ़ने से किसानों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। ऐसे में कोल्ड स्टोरेज का किराया माफ किया जाना जरूरी है। दूसरी प्रमुख मांग आलू का न्यूनतम समर्थन मूल्य 1600 रुपए प्रति क्विंटल निर्धारित करने की है। किसानों ने इसी दर पर आलू की खरीद सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि उत्पादन लागत बढ़ने के बावजूद उन्हें फसल का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है। किसान नेताओं ने तीसरी मांग के तौर पर किसान रजिस्ट्री को तत्काल प्रभाव से बंद करने की मांग उठाई है। उनका आरोप है कि इसे किसानों की सहमति के बिना लागू किया गया है। भाकियू नेताओं ने इसे सरकार का एकतरफा फैसला बताते हुए विरोध जताया। चौथी और प्रमुख मांग किसानों की संपूर्ण कर्जमाफी की है। किसान नेताओं का कहना है कि सीमांत और छोटे किसान आर्थिक रूप से कमजोर हैं और कर्ज व सरकारी देय चुकाने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने सरकार से तत्काल संपूर्ण कर्जमाफी की मांग की। किसान नेताओं ने दोहराया कि चारों मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक धरना समाप्त नहीं किया जाएगा। लगातार 24 घंटे किसानों के तहसील परिसर में डटे रहने से प्रशासनिक गतिविधियों के बीच आंदोलन को लेकर चर्चा बनी हुई है।






