सिकन्दराराऊ 04 अगस्त। कुंवर विमल साहित्य मंच के तत्वावधान में स्वर्गीय कवि कुंवर पाल शर्मा ‘कुंवर’ के जन्मदिन के अवसर पर एक में विराट कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भद्रपाल सिंह चौहान ने की, जबकि संचालन देवेंद्र दीक्षित ‘शूल’ एवं डॉ. उपेंद्र झा ने संयुक्त रूप से किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि धीरज पांडेय तथा विशिष्ट अतिथि जयपाल सिंह चौहान एवं कृष्ण कुमार राघव उपस्थित रहे। अतिथियों का सम्मान संयोजक प्रमोद विषधर, आयोजक प्रभात शर्मा, राजेंद्र शर्मा, श्रेयश शर्मा एवं वैष्णव शर्मा ने शॉल, शील्ड और पुष्पमाला भेंट कर किया। कवि सम्मेलन में मथुरा से पधारीं कवयित्री रेणु उपाध्याय ने शारदे की आराधना के साथ मां-बाप के प्रेम और संघर्ष पर आधारित रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। वृंदावन से आए मोहन ‘मोही’ ने अपनी रचना के माध्यम से वृंदावन की महिमा का सुंदर वर्णन किया। भरतपुर से आए जयकुमार ‘जय’ ने पैरोडी के साथ पिता के सम्मान पर कविता प्रस्तुत कर खूब तालियां बटोरीं। महेश ‘मंजुल’ ने समसामयिक राजनीति पर व्यंग्य प्रस्तुत किया, जबकि गीतकार अभय सिंह ‘अभय’ ने प्रेम और विरह से ओतप्रोत गीत सुनाकर वातावरण को भावपूर्ण बना दिया।
हाथरस के डॉ. उपेंद्र झा ने पिता के महत्व पर अपनी कविता के माध्यम से कहा कि पिता के रहते दुनिया के गम कम हो जाते हैं और उनके स्नेह की तुलना किसी से नहीं की जा सकती। प्रमोद विषधर ने अपने हास्य-व्यंग्य और चुटीले अंदाज से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया। पीलीभीत से आए वरिष्ठ गीतकार अविनाश चंद्र मिश्र ने साहित्यिक गीत प्रस्तुत कर जमकर वाहवाही लूटी। संभल से आए अतुल शर्मा ने हास्य-व्यंग्य की रचनाओं से श्रोताओं का मनोरंजन किया। वरिष्ठ हास्य-व्यंग्यकार देवेंद्र दीक्षित ‘शूल’ की कविता पर श्रोताओं ने माला पहनाकर उनका स्वागत किया। वहीं कृष्णमुरारीलाल ‘मानव’ ने छंदों की मनमोहक प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम में कवियों एवं कवयित्रियों का स्वागत डॉ. शरीफ अली, पंडित ओमपाल शर्मा, कुमुद कांत गर्ग, यतेंद्र शर्मा उर्फ पप्पू शर्मा, संतोष शर्मा, रामवीर सिंह यादव, हनीश लेखपाल, रामकिशोर शर्मा, पवन बौहरे, शौर्य दीक्षित, सतेंद्र भारद्वाज, शालिनी गर्ग, साधना शर्मा, अंजली शर्मा, तान्या पाठक, सिया शर्मा, ब्रजेश पाठक एडवोकेट, रामबाबू शास्त्री, नीरज गोस्वामी, सोनू शर्मा, कवि कुमार संभव, वैभव शर्मा सहित शहर के गणमान्य लोगों ने किया। देर रात तक चले कवि सम्मेलन में श्रोताओं ने कवियों की प्रस्तुतियों का आनंद लिया और तालियों से उनका उत्साहवर्धन किया।









