सिकन्दराराऊ (हसायन) 16 सितम्बर। कस्बा व देहात क्षेत्र में अप्रशिक्षित स्तर के झोलाछाप चिकित्सको के द्वारा अवैध रूप से की जा रहे स्वास्थ्य सेवाओं में थोड़ी सी लापरवाही भी मरीज के लिए गंभीर परिणाम पैदा कर सकती है।गलत तरीके से दवा,आवश्यकता नही होने के बाद भी मनमाने तरीके से गलत तरह के एंटीवायोटिक इंजेक्शन लगाए जाने के साथ साथ अवैध रूप से संचालित अवैध पैथौलॉजी लैब की रक्त परीक्षण,सी.बी.सी.एमपी बिडाल के अलावा प्लेटलेटस,टीएलसी,डीएलसी,हीमोग्लोबिन को कम करके अन्य सभी तरह की जांच रिपोर्ट अथवा गंभीर बीमारी का समय पर सही उपचार न मिलने से मरीज की स्थिति बिगड़ सकती है।ऐसे में बिना योग्यता एवं मानकों के चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने वालों पर प्रभावी कार्रवाई बेहद जरूरी है।स्थानीय लोगों ने स्वास्थ्य विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि कस्बा व देहात क्षेत्रों में संचालित सभी निजी क्लीनिक,अस्पताल,नर्सिंग होम और पैथोलॉजी लैब की व्यापक जांच कराई जाए। जिन संस्थानों के पास वैध पंजीकरण, निर्धारित योग्यता एवं आवश्यक मानक नहीं हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए, ताकि आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ को रोका जा सके।बड़ा सवाल यह है कि स्वास्थ्य विभाग की निगरानी के बावजूद यदि बिना योग्यता और बिना पंजीकरण के चिकित्सा केंद्र संचालित हो रहे हैं, तो इन पर कार्रवाई कब होगी और मरीजों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है।