अलीगढ़ 05 जून । विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर मंगलायतन विश्वविद्यालय में पर्यावरण संरक्षण को समर्पित विविध कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इस दौरान पौधरोपण अभियान चलाने के साथ-साथ भीषण गर्मी में पक्षियों के लिए जल और दाने की व्यवस्था कर प्रकृति संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रमों में शिक्षकों, स्वयंसेवकों और विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग द्वारा संचालित रेडियो नारद, स्मार्ट एनजीओ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई-2 के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम के तहत विश्वविद्यालय परिसर में विभिन्न स्थानों पर वृक्षों पर मिट्टी के पात्र लगाए गए, ताकि गर्मी के मौसम में पक्षियों को पानी और दाना उपलब्ध हो सके। इस दौरान स्वयंसेवकों ने पर्यावरण संरक्षण एवं जैव विविधता बचाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम में डा. आरके शर्मा, डा. शिवराज त्यागी, डा. गजेंद्र पराशर, डा. मनीषा उपाध्याय, योगेश कौशिक, मयंक जैन, नीलकांत तिवारी, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी नितिन कांत आदि उपस्थित रहे। संचालन याशिका गुप्ता ने किया। वहीं, एनएसएस यूनिट-7 और इंस्टीट्यूट ऑफ एप्लाइड साइंस के संयुक्त तत्वावधान में ऋषि विश्वामित्र की तपोस्थली तीर्थ धाम धरणीधर सरोवर पर पौधरोपण अभियान चलाया गया। शिक्षकों और स्वयंसेवकों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर हरियाली बढ़ाने का संदेश दिया। इस अवसर पर प्रो. मनीषा शर्मा, कार्यक्रम अधिकारी डा. मनीश राव आंबेडकर, अजय राठौर, डा. प्रभात बंसल, डा. केसी यादव, डा. सौरभ गुप्ता, श्रेष्ठ उपाध्याय आदि थे। एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डा. पूनम रानी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल पौधरोपण तक सीमित नहीं है, बल्कि पक्षियों, पशुओं और प्रकृति के प्रत्येक जीव के प्रति संवेदनशील होना भी हमारी सामाजिक जिम्मेदारी है। उधर, मंगलायतन आयुर्वेदा मेडिकल कॉलेज एंड रिसर्च सेंटर के प्राचार्य डॉ. राजेश धाकड़ के नेतृत्व में हर्बल गार्डन में औषधीय पौधों का रोपण किया गया।