
हाथरस 05 जून । मेरा युवा भारत, एवं समाज कल्याण विभाग के संयुक्त तत्वावधान में राजकीय वृद्धाश्रम, पांच दिवसीय अनुभवात्मक प्रशिक्षण कार्यक्रम (एक्सपीरिएंशियल लर्निंग प्रोग्राम-ईएलपी) का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के मध्य भावनात्मक एवं सामाजिक जुड़ाव स्थापित करना, पीढ़ियों के बीच संवाद को बढ़ावा देना तथा युवाओं में सेवा, संवेदनशीलता एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना है। कार्यक्रम के अंतर्गत युवा स्वयंसेवकों ने वृद्धाश्रम में रह रहे वरिष्ठ नागरिकों के साथ समय बिताया, उनसे संवाद स्थापित किया तथा उनके जीवन अनुभवों को जानने का प्रयास किया। इस दौरान युवाओं ने वृद्धजनों के बीच फल वितरित किए और उनकी दैनिक समस्याओं, स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों एवं आवश्यकताओं की जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम के दौरान युवाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के बीच आत्मीय एवं पारिवारिक वातावरण देखने को मिला।
जिला युवा अधिकारी मनीष कुमार ने कहा कि वर्तमान समय में समाज में पीढ़ियों के बीच संवाद और आत्मीयता को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। ऐसे कार्यक्रम युवाओं को सामाजिक सेवा का अवसर प्रदान करने के साथ-साथ उन्हें वरिष्ठ नागरिकों के अनुभवों, संघर्षों एवं जीवन मूल्यों से सीखने का अवसर भी देते हैं। उन्होंने कहा कि वृद्धजन समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके अनुभव युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। कार्यक्रम के दौरान लेखा एवं कार्यक्रम पर्यवेक्षक रामवीर प्रसाद शर्मा के निर्देशन में गीत-संगीत, सामूहिक गान एवं विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों का आयोजन किया गया। वरिष्ठ नागरिकों ने इन कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक भाग लिया। युवाओं ने पुराने गीत, देशभक्ति गीत एवं प्रेरणादायक प्रस्तुतियों के माध्यम से वृद्धजनों के साथ भावनात्मक जुड़ाव स्थापित किया। साथ ही विभिन्न सामूहिक गतिविधियों एवं सरल खेलों के माध्यम से वृद्धाश्रम में सकारात्मक एवं आनंदमय वातावरण का निर्माण किया गया। मेरा युवा भारत द्वारा संचालित इस पांच दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से युवाओं को वरिष्ठ नागरिकों के साथ संवेदनशील संवाद, सामुदायिक सहभागिता एवं सामाजिक सेवा के व्यावहारिक अनुभव प्रदान किए जा रहे हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में करुणा, सहानुभूति, सम्मान एवं समाज सेवा की भावना को सुदृढ़ करना है, ताकि वे समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझ सकें। कार्यक्रम में उपस्थित स्वयंसेवकों ने इसे अत्यंत प्रेरणादायक एवं भावनात्मक अनुभव बताते हुए कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज में मानवीय मूल्यों को मजबूत करने और सकारात्मक परिवर्तन लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।


























