Hamara Hathras

Latest News

हाथरस 20 जुलाई। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की डीसीआरबी शाखा में तैनात कांस्टेबल मनु चौधरी की 1 जून को हुई आत्महत्या के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक कांस्टेबल के पिता एवं सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल देवेन्द्र सिंह अत्री ने अपनी बहू पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाना हाथरस गेट में तहरीर दी है। उन्होंने पत्नी पर मानसिक उत्पीड़न, आत्महत्या के लिए उकसाने और साक्ष्य नष्ट करने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। ग्रेटर नोएडा सेक्टर-37 निवासी देवेन्द्र सिंह अत्री ने तहरीर में बताया कि उनके पुत्र मनु चौधरी पुलिस विभाग में कांस्टेबल पद पर कार्यरत थे और उनकी अंतिम तैनाती डीसीआरबी शाखा, पुलिस अधीक्षक कार्यालय में थी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2017 में मनु की शादी महिला आरक्षी सोनी पंवार से हुई थी, जो वर्तमान में एचटीयू थाना हाथरस में तैनात हैं। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद से ही दोनों के बीच विवाद रहने लगा था। पिता का कहना है कि मनु को लगातार मानसिक तनाव और उत्पीड़न का सामना करना पड़ा। तहरीर के अनुसार, दांपत्य विवाद के चलते मनु ने गाजियाबाद फैमिली कोर्ट में याचिका भी दाखिल की थी, लेकिन बाद में समझौते के प्रयास किए गए। देवेन्द्र सिंह अत्री ने आरोप लगाया कि पत्नी के व्यवहार में बदलाव नहीं आया और घर में लगातार विवाद की स्थिति बनी रही। उन्होंने तहरीर में यह भी उल्लेख किया है कि आत्महत्या से कुछ दिन पहले मनु ने अपनी मां को घरेलू विवाद और मानसिक तनाव के बारे में बताया था। पिता का आरोप है कि मनु ने पत्नी द्वारा किसी अन्य व्यक्ति से बातचीत करने की बात कही थी और इससे संबंधित कुछ साक्ष्य अपने मोबाइल में सुरक्षित किए थे। पिता के अनुसार, 31 मई को भी मनु ने अपनी मां से मानसिक परेशानी की बात साझा की थी। मां ने उसे समझाकर शांत रहने की सलाह दी थी, लेकिन अगले दिन 1 जून को मनु ने आत्महत्या कर ली। देवेन्द्र सिंह अत्री ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस को मनु का मोबाइल मिला था, जिसे बाद में उनकी बहू ने थाना हाथरस गेट पुलिस से ले लिया। उन्होंने आशंका जताई कि मोबाइल में मौजूद साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ या उन्हें नष्ट किया जा सकता है। उन्होंने पुलिस से मांग की है कि उनकी बहू के खिलाफ मानसिक उत्पीड़न, आत्महत्या के लिए उकसाने और साक्ष्य नष्ट करने सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच की जाए। वहीं, पुलिस का कहना है कि प्राप्त तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। आत्महत्या के कारणों, पारिवारिक विवाद और मोबाइल में मौजूद तथ्यों की भी जांच की जाएगी। जांच के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page