हाथरस 29 अगस्त । आनंदपुरी कॉलोनी स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के केंद्र की ओर से विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में रक्तदान करने वाले रक्तदानवीरों के सम्मान में सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें रक्तदाताओं को सम्मानित करते हुए उनके योगदान की सराहना की गई। समारोह को संबोधित करते हुए बीके शांता बहिन ने कहा कि किसी हादसे में जब इंसान का खून निकलता है तो परिवार और परिजन घबरा जाते हैं, वहीं किसी जरूरतमंद के लिए रक्तदान करने की खुशी रक्तदान करने वाले व्यक्ति के चेहरे पर साफ झलकती है। उन्होंने कहा कि रक्तदान से मिलने वाली खुशी ही सबसे बड़ा रिटर्न गिफ्ट है। रक्तदान के माध्यम से किसी जरूरतमंद की मदद की जा सकती है और यह मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने कहा कि रक्त पर संस्कारों और खान-पान का भी प्रभाव पड़ता है। सात्विक संस्कार और सात्विक भोजन करने वाले ब्रह्मावत्सों द्वारा दिया गया रक्त जरूरतमंद व्यक्ति के स्वास्थ्य लाभ में सहायक होगा। शिविर में रक्तदान करने वालों में अधिकांश युवा रक्तदाता रहे।
बीके शांता बहिन ने कहा कि जो दान करता है, उसे देवता कहा जाता है और इसी गुण के कारण दानदाता पूजनीय होते हैं। रक्तदाता भी समाज के लिए दान करने का कार्य करते हैं। यह सेवा भाव उन्हें परमात्मा की याद दिलाने का माध्यम बनेगा। उन्होंने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें रक्षा सूत्र बांधा और उनके अच्छे स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की। इस अवसर पर बीके दुर्गेश बहिन, बीके श्वेता बहिन, बीके वंदना बहिन, अरविंद गुप्ता, राकेश अग्रवाल, राजू अग्रवाल, संध्या अग्रवाल, कमलेश, रजनेश, रामेश्वर दयाल, मनोज कुमार, पूर्व सहायक कोषाधिकारी दाऊदयाल अग्रवाल, ओमप्रकाश, गजेंद्र भाई, राजीव सिंघल, गुड्डा, उमा बहिन, मोनिका बहिन सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।












