सिकन्दराराऊ (हसायन) 29 अगस्त। विकासखंड हसायन के ग्राम अंडोली में दो सांडों की लड़ाई के दौरान नाबालिग बच्चे के गंभीर रूप से घायल होने और उपचार के दौरान उसकी मौत के बाद प्रशासन ने मामले का संज्ञान लिया है। जिलाधिकारी के निर्देश पर जनपद में 72 घंटे का वृहद गौ संरक्षण अभियान शुरू करने के आदेश जारी किए गए हैं। अधिकारियों को सड़क और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे आवारा सांडों एवं निराश्रित गोवंश को तत्काल पकड़कर सुरक्षित गौशालाओं में संरक्षित कराने के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
उच्चाधिकारियों ने सभी खंड विकास अधिकारियों, पशु चिकित्सा अधिकारियों, सहायक विकास अधिकारी पंचायत तथा नगर निकायों के अधिशासी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि उनके क्षेत्र में जहां भी आवारा सांड अथवा निराश्रित गोवंश घूमते पाए जाएं, उन्हें पशु चिकित्सकों की टीम के साथ तत्काल पकड़कर गौशालाओं में भेजा जाए। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि कोई भी नर गोवंश सड़क पर खुले में घूमता हुआ नहीं पाया जाना चाहिए। अभियान के दौरान पकड़े गए नर गोवंश को उधैना गौशाला तथा मादा गोवंश को निकटतम गौशाला में संरक्षित कराया जाना है। अधिकारियों को प्रतिदिन की कार्रवाई की लिखित रिपोर्ट जियो-टैग फोटोग्राफ के साथ मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित कार्यालय को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट करना होगा कि एक दिन में कितने गोवंश को पकड़ा गया और उन्हें किस गौशाला में भेजा गया। अभियान लगातार तीन दिन चलाया जाएगा, जबकि इसके बाद भी संबंधित अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में निराश्रित गोवंश के संरक्षण का अभियान लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।
इस मामले में राष्ट्रीय हिन्दू साम्राज्य के संस्थापक एवं अध्यक्ष द्वारा भी क्षेत्र में घूम रहे आवारा गोवंश को पकड़कर गौशालाओं में भेजने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया था। ज्ञापन खंड विकास अधिकारी हसायन तथा नगर पंचायत हसायन के अधिशासी अधिकारी कार्यालय में लिपिक को सौंपा गया था। इसके बाद उच्चाधिकारियों ने मामले का संज्ञान लेते हुए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। प्रशासनिक निर्देशों के बाद शनिवार 29 अगस्त को नगर पंचायत हसायन एवं राजकीय पशु चिकित्सालय हसायन की टीम ने संयुक्त रूप से आवारा गोवंश को पकड़ने का अभियान चलाया। अभियान के दौरान हसायन नगर पंचायत क्षेत्र से तीन आवारा नंदी (नर सांड) और दो मादा गायों को पकड़कर सुरक्षित किया गया। गोवंश को ले जाने के लिए सिकंदराराऊ नगर पालिका परिषद की लोडर-स्टेचर गाड़ी मंगाई गई, जिसके माध्यम से पकड़े गए गोवंश को हाथरस जनपद के सहपऊ विकासखंड क्षेत्र स्थित उधैना गौशाला भेजा गया।
खंड विकास पशु चिकित्सा अधिकारी पीयूष सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र में अब तक 15 गोवंश को पकड़कर गौशाला में संरक्षित कराया जा चुका है। उन्होंने कहा कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और क्षेत्र में जहां भी निराश्रित एवं आवारा गोवंश घूमते पाए जाएंगे, उन्हें पकड़कर सुरक्षित रूप से गौशालाओं में भेजा जाएगा। अंडोली में सांडों की लड़ाई के दौरान बच्चे की मौत की घटना के बाद प्रशासन की इस कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर खुले में घूम रहे आवारा सांडों एवं निराश्रित गोवंश की समस्या पर प्रभावी नियंत्रण हो सकेगा। अब देखना होगा कि तीन दिवसीय विशेष अभियान के बाद जिले में आवारा गोवंश को लेकर जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित हो पाती है।












