Hamara Hathras

Latest News

हाथरस 14 जुलाई। हलवाई खाना स्थित श्री पारसनाथ दिगंबर जैन पंचायती बड़ा मंदिर में आज को आयोजित धर्मसभा में उपाध्याय श्री 108 शिवदत्त जी महाराज एवं मुनि श्री 108 पदमदत्त जी महाराज ने श्रद्धालुओं को धर्मोपदेश देते हुए जीवन, भक्ति और मोक्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। अपने प्रवचन में मुनि श्री ने कहा कि जिस प्रकार मनुष्य अपने परिवार का पालन-पोषण करता है, उसी प्रकार पशु-पक्षी भी बिना किसी स्वार्थ के अपने बच्चों का पालन-पोषण करते हैं। उन्होंने कहा कि जैसे मनुष्य घर बनाता है, वैसे ही पक्षी भी अपना घर अर्थात घोंसला बनाते हैं। अंतर केवल इतना है कि मनुष्य करोड़ों रुपये खर्च कर घर बनाता है, जबकि पक्षी ऊंचे स्थानों पर बिना किसी साधन के अपना आशियाना तैयार कर लेते हैं। उन्होंने कहा कि मनुष्य को ईश्वर ने हाथ, पैर, कान और अन्य इंद्रियां इसलिए दी हैं ताकि वह धर्म, भक्ति और सेवा के कार्य कर सके। मनुष्य मुनियों की सेवा कर सकता है, भगवान का अभिषेक कर सकता है, प्रतिमा का पूजन कर सकता है और आहार दान देकर अपने जीवन को सार्थक बना सकता है। उपाध्याय श्री 108 शिवदत्त जी महाराज ने कहा कि “सुई में धागा नहीं है, फिर भी आप सिलाई कर रहे हैं; पानी गंदा है, फिर भी पी रहे हैं; ऐसी जिंदगी का कोई सार नहीं, फिर भी जी रहे हैं।” उन्होंने कहा कि जिस प्रकार बिना धागे के सुई से सिलाई संभव नहीं है, उसी प्रकार बिना भाव के की गई भक्ति से मोक्ष की प्राप्ति नहीं हो सकती। उन्होंने कहा कि जब किसी व्यक्ति की मृत्यु होती है तो उसका अंतिम संस्कार श्मशान में होता है, लेकिन मृत्यु तो घर में होती है। इसलिए यदि घर को वास्तव में मंदिर बनाना है तो संत-मुनियों के चरण घर तक लाएं, उन्हें अपने हाथों से आहार कराएं और धर्म की आराधना करें। जो लोग किसी कारणवश आहार नहीं करा सकते, वे मुनियों की आहारचर्या की अनुमोदना कर भी पुण्य के भागी बन सकते हैं। धर्मसभा में प्रमुख रूप से श्री जैन नवयुवक सभा के अध्यक्ष उमा शंकर जैन, राकेश जैन, बाल पंडित विशाल जैन, अमित जैन, संजीव जैन (भूरा), जितेंद्र जैन (रेडीमेड), अतुल जैन (वसुंधरा), संजीव जैन (लुहाड़िया), राजकुमार जैन (लोहिया), मनीष जैन, अमित जैन (लुहाड़िया), पंकज जैन (ट्रंक), अजय जैन (बंटू), विजय जैन (भूच), मनीष जैन (रंग), राजेश जैन (ट्रंक), नितिन जैन, इंजीनियर पी.के. जैन, हरविंद जैन, पवन जैन, अनिल जैन, तन्नू जैन, संतोष जैन, हरीश जैन, सुनील जैन (चूर्ण), संजीव जैन (डाकखाना) एवं सौरभ जैन (अजमेरा) सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page