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सादाबाद 17 जून । ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के विरोध में दस्तावेज लेखकों, अधिवक्ताओं और स्टांप वेंडरों का धरना-प्रदर्शन बुधवार को तीसरे दिन भी जारी रहा। उत्तर प्रदेश दस्तावेज लेखक संघ के आह्वान पर सादाबाद उप निबंधक कार्यालय में रजिस्ट्री संबंधी सभी कार्य ठप रहे। इससे संपत्ति की रजिस्ट्री कराने पहुंचे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा और कई बिना काम कराए ही वापस लौट गए।

प्रदर्शनकारियों ने सरकार की प्रस्तावित ई-पंजीकरण प्रणाली का विरोध किया। उनका कहना है कि इस व्यवस्था में निजी संस्थाओं को शामिल करने से हजारों दस्तावेज लेखक, कंप्यूटर ऑपरेटर, स्टांप वेंडर और अधिवक्ताओं के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने तर्क दिया कि नई व्यवस्था लागू होने पर बड़ी संख्या में परिवारों की आजीविका प्रभावित होगी। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि निबंधन प्रक्रिया में निजी एजेंसियों की भागीदारी बढ़ाने का निर्णय जनहित और रोजगार दोनों के विपरीत है। उन्होंने मांग की कि सरकार को कोई भी नई व्यवस्था लागू करने से पहले प्रभावित वर्गों से संवाद करना चाहिए था। प्रदर्शनकारियों ने ई-पंजीकरण व्यवस्था को तत्काल वापस लेने और पूर्व की भांति रजिस्ट्री प्रक्रिया संचालित करने की मांग की। धरना दे रहे पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी दस्तावेज लेखक, अधिवक्ता और स्टांप वेंडर कार्य बहिष्कार कर रजिस्ट्री कार्यालयों के बाहर विरोध दर्ज करा रहे हैं। धरना स्थानीय दस्तावेज लेखक संघ के अध्यक्ष राजकुमार दीक्षित के नेतृत्व में चल रहा है। इसमें पूर्व प्रादेशिक लेखा परीक्षक श्याम सुंदर गिरी, अधिवक्ता राजेंद्र अग्रवाल, अशोक कुमार, मुकेश शर्मा, जुगेंद्र सिंह, राजू सिंह, मानू जायसवाल सहित बड़ी संख्या में दस्तावेज लेखक, स्टांप वेंडर और अधिवक्ता मौजूद रहे।

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