Hamara Hathras

Latest News

लखनऊ 10 मई । आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार का दूसरा मंत्रिमंडल विस्तार संपन्न हुआ। लखनऊ के जन भवन में आयोजित समारोह में राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने कुल आठ नेताओं को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस विस्तार में भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए ‘सोशल इंजीनियरिंग’ का मास्टरस्ट्रोक खेला है, जिसमें जाट, ब्राह्मण, दलित और ओबीसी वर्गों को प्रमुखता दी गई है। शपथ लेने वालों में सबसे प्रमुख नाम भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह चौधरी का रहा, जिन्हें पश्चिमी यूपी में जाट वोट बैंक को मजबूती देने के लिए कैबिनेट में शामिल किया गया है। वहीं, समाजवादी पार्टी से बागी हुए रायबरेली के ऊंचाहार से विधायक मनोज कुमार पांडे को कैबिनेट मंत्री बनाकर भाजपा ने ब्राह्मण समाज को साधने और विपक्ष के किले में सेंध लगाने का बड़ा राजनीतिक दांव चला है।

सरकार ने प्रशासनिक अनुभव और क्षेत्रीय सक्रियता को देखते हुए दो मौजूदा राज्य मंत्रियों, अजीत पाल और सोमेंद्र तोमर को प्रमोशन देकर राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी सौंपी है। इनके अलावा, चार नए चेहरों को राज्य मंत्री के रूप में सरकार में जगह मिली है। इनमें फतेहपुर की खागा सीट से विधायक कृष्णा पासवान, अलीगढ़ के सुरेंद्र दिलेर, कन्नौज के कैलाश सिंह राजपूत और वाराणसी से एमएलसी हंसराज विश्वकर्मा शामिल हैं। इन नियुक्तियों के जरिए भाजपा ने विपक्ष के PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) गठबंधन का मुकाबला करने के लिए अपना सामाजिक समीकरण तैयार किया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह विस्तार केवल विभागों का बंटवारा नहीं, बल्कि 2027 के विधानसभा चुनाव का ‘ट्रेलर’ है, जिसके माध्यम से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हर क्षेत्रीय और जातीय समीकरण को संतुलित कर प्रदेश की जनता को विकास और समावेशी राजनीति का संदेश दिया है। अब सभी की निगाहें नवनियुक्त मंत्रियों को मिलने वाले विभागों और आने वाले दिनों में होने वाले प्रशासनिक फेरबदल पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page