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सिकंदराराऊ 20 अक्टूबर । श्री रामलीला कमेटी के तत्वावधान में मंडी गांधी गंज स्थित रामलीला मैदान में चल रहे रामलीला महोत्सव में लक्ष्मण शक्ति और कुंभकर्ण वध की लीलाओं का भव्य मंचन किया गया। कलाकारों ने राम-रावण युद्ध के प्रसंगों का सजीव चित्रण कर दर्शकों को भावविभोर कर दिया। इस दौरान रामलीला मैदान भगवान श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष एवं सपा नेता राकेश बघेल का जीटी रोड स्थित अंशु मशीनरी स्टोर पर भव्य स्वागत किया गया। इसके बाद बैंड-बाजों और सैकड़ों लोगों के साथ उन्हें रामलीला मैदान तक लाया गया। यहां उन्होंने फीता काटकर रामलीला मंचन का शुभारंभ किया। आयोजकों ने फूलमालाएं और पटका पहनाकर तथा स्मृति चिह्न भेंट कर उनका सम्मान किया। इस अवसर पर राकेश बघेल ने कहा कि सभी लोगों को भगवान श्रीराम के आदर्शों पर सदैव चलना चाहिए। जिस प्रकार श्रीराम ने अपने पिता राजा दशरथ की आज्ञा का पालन करते हुए 14 वर्ष का वनवास स्वीकार किया, उसी प्रकार आज की पीढ़ी को भी अपने माता-पिता की बात माननी चाहिए। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जीवन त्याग, मर्यादा और कर्तव्यपालन की प्रेरणा देता है। इसी दौरान उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भाजपा सरकार ने हमेशा श्रीराम का सहारा लिया है। उन्होंने इसे निंदनीय बताया।

रामलीला मंचन के दौरान मेघनाद ने युद्ध में लक्ष्मण पर शक्तिबाण का प्रहार किया, जिससे लक्ष्मण मूर्छित होकर भूमि पर गिर पड़े। भाई को अचेत देखकर भगवान श्रीराम व्याकुल हो गए। उनके प्रेम और चिंता के दृश्य ने दर्शकों को भावुक कर दिया। इसके बाद हनुमान जी को संजीवनी बूटी लाने का दायित्व सौंपा गया। हनुमान जी हिमालय पहुंचे, लेकिन सही बूटी की पहचान नहीं कर पाने पर पूरा पर्वत ही उठा लाए। संजीवनी बूटी के प्रभाव से लक्ष्मण के प्राण बच गए। लक्ष्मण के होश में आते ही मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। इसके बाद कुंभकर्ण वध की लीला का मंचन किया गया। युद्ध में अपनी सेना को कमजोर पड़ता देख रावण ने कुंभकर्ण को जगाकर रणभूमि में भेजा। विशालकाय कुंभकर्ण के युद्धभूमि में पहुंचते ही वानर सेना में खलबली मच गई। अंततः भगवान श्रीराम ने युद्ध करते हुए कुंभकर्ण का वध कर दिया। कुंभकर्ण के धराशायी होते ही दर्शकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए। कार्यक्रम में दाऊदयाल वार्ष्णेय, जयपाल सिंह चौहान, पंकज गुप्ता, गिरीश मोहन गुप्ता, वैभव वार्ष्णेय, सूरज वार्ष्णेय, विशाल वार्ष्णेय, डोबी वार्ष्णेय, विशाल राज चौहान, विशाल दरगढ़, अभितेश वार्ष्णेय और सचिन वार्ष्णेय सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

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