
हाथरस 11 जून। जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी अवमुक्तेश्वरानंद सरस्वती आज अपनी गविष्ठि यात्रा के दौरान हाथरस पहुंचे, उन्होंने गौ-रक्षा और गौ-संवर्धन को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि देश में कई चीजों को राष्ट्रीय दर्जा प्राप्त है, ऐसे में गौमाता को भी “राष्ट्रमाता” घोषित किया जाना चाहिए। हमारा हाथरस से बातचीत के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि जब तक कोई राजनीतिक दल गौमाता को राष्ट्रमाता घोषित करने का संकल्प नहीं लेता, तब तक सनातन समाज को सोच-समझकर मतदान करना चाहिए। उन्होंने कहा कि सनातनी समाज का समर्थन उसी राजनीतिक दल को मिलना चाहिए जो सनातन संस्कृति और गौ-रक्षा के लिए कार्य करे। उन्होंने लोगों से गौ-संरक्षण के प्रति जागरूक होने का आह्वान करते हुए कहा कि यह यात्रा उत्तर प्रदेश की सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचकर गो-रक्षा का संदेश जन-जन तक पहुंचाएगी। शंकराचार्य ने बताया कि यह गविष्ठि यात्रा देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर निकाली जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा नहीं मिल जाता और उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह अभियान जारी रहेगा। हमारा हाथरस से बात करते हुए शंकराचार्य ने राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अखिलेश यादव पर ‘टोंटी चोर’ होने का आरोप लगाया था, उन्हें अब राम मंदिर के चढ़ावे से जुड़े तथ्यों पर जवाब देना चाहिए। शंकराचार्य ने कहा कि पहले चंपत राय ने सफाई दी थी कि कोई गड़बड़ी नहीं है, लेकिन अब पैसा बरामद होने और चार लोगों की गिरफ्तारी की खबरें आ रही हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अयोध्या के साधु-संत भी नियमित चोरी की बात कह रहे हैं।
























