सिकंदराराऊ (हसायन) 11 जून। विकासखंड क्षेत्र के ब्लाक स्तरीय पशु चिकित्साधिकारी के द्वारा गांव भैकुरी के पशु सेवा केन्द्र पर तैनात सविता समुदाय के ड्रेसर से सांप,पेट का गंदा,चपरासी के अलावा जाति का नाम के गलत उच्चारण जैसे शब्द बोलकर बहुत ही अभद्र भाषा का प्रयोग करने के साथ ही स्टाफ की छवि धूमिल करने एवं वेतन रोककर मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताडित करने का मामला सामने आया है।उक्त मामले में ड्रेसर की माँ नश्राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी के खिलाफ मुख्यमंत्री पार्टल पर पशुधन विभाग,ग्रह एवं गोपन विभाग से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है।राजकीय पशु चिकित्सा केन्द्र के प्रभारी चिकित्साधिकारी पर पूर्व में खंड विकास अधिकारी का पदभार संभालने के दौरान अवैध बसूली सहित विभिन्न आरोप लगने के बाद भी आज तक राजकीय पशु चिकित्सालय के प्रभारी के खिलाफ कोई कार्रवाई अमल में नही लाए जाने से हौसले काफी बुलंद हो गए है।बताया जाता है कि उक्त पशु चिकित्सक के रिश्तेदार व परिजन राज्य सरकार में अच्छे पद पर सुशोभित होने की वजह से कोई भी जिम्मेदार कार्रवाई करने से बच रहे है।उक्त दागी पशु चिकित्सक पर कोई कार्रवाई नही होने से तमाम तरह के सवालिया प्रश्न चिन्ह लगने के साथ तरह तरह की चर्चाएं व्याप्त है।मिथलेश देवी पत्नी स्व:तोताराम निवासी जलेसर तहसील जलेसर जनपद एटा ने मुख्यमंत्री पोर्टल जनसुनवाई पर पशुधन विभाग व ग्रह एवं गोपन विभाग को शिकायत करते हुए लिखा है कि राजकीय पशु चिकित्साधिकारी हसायन डॉ.पीयूष कुमार सिंह के द्वारा मेरे पुत्र मनीष कुमार पुत्र स्व:तोताराम जो कि पशु पालन विभाग में पशु सेवा केंद्र भेंकुरी पर ड्रेसर के पद पर कार्यरत है।जो कि पूरी ईमानदारी से लगन निष्ठा से अपनी ड्यूटी करता है।पशु चिकित्साधिकारी हसायन डॉ.पीयूष कुमार सिंह के द्वारा मेरे पुत्र को मानसिक एवं शारीरिक रूप से प्रताडित किया जाता है। एवं उसका वेतन हर दूसरे तीसरे माह बिना किसी कारण एवं बिना आरोप पत्र दिए रोका जा रहा है।दिनांक छह जून 2026 को पशु चिकित्साधिकारी हसायन डॉ.पीयूष कुमार सिंह की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग सोशल मीडिया वाटसअप ग्रप में वायरल हो रही है।जिसमें डॉ.पीयूष कुमार सिंह के द्वारा मेरे पुत्र पर गंभीर आरोप लगाए जा रहे है एवं उसके लिए बहुत ही अभद्र भाषा का प्रयोग किया जा रहा है।ओडियो क्लिप में प्रभारी पशु चिकित्साधिकारी डॉ.पीयूष कुमार सिंह मेरे पुत्र मनीष कुमार सविता को सांप,पेट का गंदा, चपरासी, एवं जातिसूचक शब्द नऊआ इत्यादि का प्रयोग किया जा रहा है।जिससे मेरे पुत्र की छवि जनता में धूमिल हुई है जिसके कारण मेरा पुत्र मानसिक तनाव में है।मेरा पुत्र बी.पी.ब्लैड प्रेशर का मरीज है एवं मैं भी स्वयं हार्ट की पेशेंट हूं।डॉ.पीयूष कुमार सिंह के द्वारा कहे गए शब्दों से हमें काफी सदमा हुआ है।जिससे मेरा परिवार मानसिक अवसाद में है।उक्त मामले की जनसुनवाई पर शिकायत करते हुए ऑडियो के आधार पर एवं मेरे पत्र पर सहानभूति पूर्वक विचार करते हुए डॉ.पीयूष कुमार सिंह के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही करने की मांग करते हुए,मेरे पुत्र एवं परिवार की रक्षा करने की गुहार लगाई है।