
हाथरस 03 मई । थाना सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव अगसौली निवासी एक विवाहिता ने अपने पति पर दहेज उत्पीड़न, घरेलू हिंसा और दूसरी महिला से अवैध संबंधों के गंभीर आरोप लगाते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है। पीड़िता का आरोप है कि दहेज का लालच और गैर-महिला से संबंधों के चलते उसे भूखा रखकर बेरहमी से पीटा गया और जान से मारने की धमकी दी गई। न्यायालय में दाखिल प्रार्थना पत्र (संख्या 513/2026) के अनुसार, शिखा सिंह का विवाह 14 नवंबर 2021 को कासगंज निवासी तनु उर्फ आशीष चौहान के साथ हुआ था। शिखा के पिता सोमप्रताप सिंह ने अपनी सामर्थ्य के अनुसार शादी में करीब 20 लाख रुपये खर्च किए थे, जिसमें लगन-सगाई से लेकर फोर व्हीलर गाड़ी तक के लिए भारी नकद राशि और जेवरात दिए गए थे।
दो लाख लेकर भी नहीं शांत हुई प्यास
आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद ही पति आशीष ने उसे ताने देना शुरू कर दिया। वह खुद को दो करोड़ की संपत्ति का वारिस बताकर 20 लाख के दहेज को कम बताने लगा। आरा मशीन चलाने के बहाने उसने दो लाख रुपये की अतिरिक्त मांग की, जिसे पीड़िता के पिता ने घर बसाने की खातिर पूरा भी कर दिया। इसके बावजूद आरोपी का मन नहीं भरा और वह 5 लाख रुपये की और मांग करने लगा।
गर्भवती होने पर पेट में मारे लात-घूंसे
शिखा ने अपने प्रार्थना पत्र में बेहद दर्दनाक आरोप लगाए हैं। उसने बताया कि जब वह गर्भवती थी, तब पति ने उसके पेट में लात-घूंसे मारे। विरोध करने पर 14 जनवरी 2023 को उसे भूखा-प्यासा कमरे में बंद कर दिया गया। शिखा का आरोप है कि आशीष फोन पर मिथलेश गौतम नाम की महिला से घंटों बात करता था और पूछने पर कहता था कि— “मिथलेश ही मेरा प्यार है, तुझसे तो मैंने सिर्फ दहेज के लिए शादी की थी।”
पिता ने बंद कमरे से कराया मुक्त
घटना की जानकारी मिलने पर शिखा के पिता कासगंज पहुंचे और अपनी बेटी को बंद कमरे से बाहर निकाला। ससुराल पक्ष को समझाने के तमाम प्रयास विफल रहने के बाद अब पीड़िता ने न्याय के लिए कानून का सहारा लिया है। महिला थाना हाथरस से जुड़े इस मामले में कोर्ट के आदेश पर अग्रिम कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।





















