सिकंदराराऊ (हसायन) 02 मई । कस्बे की मयंक भारत गैस एजेंसी के संचालक और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली के खिलाफ उपभोक्ताओं ने अब आर-पार की जंग छेड़ दी है। गैस की होम डिलीवरी बंद होने, निर्धारित दर से अधिक वसूली और गैस वितरण के नाम पर मानसिक प्रताड़ना से परेशान दर्जनों उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री के आईजीआरएस पोर्टल, जिलाधिकारी के व्हाट्सएप नंबर और सोशल मीडिया के ‘एक्स’ (ट्विटर) प्लेटफॉर्म पर मोर्चा खोल दिया है। कस्बे के उपभोक्ता अनमोल गुप्ता, अंकित जादौन, प्रांजय गुप्ता और अरुण कुमार सहित अन्य ने शिकायत में कहा कि नियमतः गैस गोदाम केवल भंडारण के लिए होता है, न कि वितरण के लिए। लेकिन एजेंसी संचालक कस्बा स्थित कार्यालय से उपभोक्ताओं को 12 किलोमीटर दूर नगला बरी पट्टी देवरी के जंगल में स्थित गोदाम पर भेज देता है। बदनपुर, बांण, अब्दुलहईपुर, रसूलपुर, बरवाना और इटरनी जैसे सुदूर गांवों से आने वाले उपभोक्ताओं को इस भीषण गर्मी में 24 किलोमीटर (आना-जाना) की अतिरिक्त दौड़ लगानी पड़ रही है। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि एजेंसी संचालक ने ‘गैस की किल्लत’ का झूठा बहाना बनाकर शासन द्वारा निर्धारित होम डिलीवरी की व्यवस्था को पूरी तरह बंद कर दिया है। ग्रामीण अंचल की महिलाओं और वृद्धों को गोदाम के चक्कर काटने पड़ रहे हैं। उपभोक्ताओं ने मांग की है कि गोदाम से वितरण तत्काल बंद कर पूर्व की भांति वाहनों के माध्यम से घर-घर या एजेंसी कार्यालय पर गैस वितरण सुनिश्चित किया जाए।
बिना सिलेंडर मिले ही आ रहे ‘डिलीवरी सक्सेस’ के मैसेज
उपभोक्ताओं ने एक और चौंकाने वाला खुलासा किया है। आरोप है कि संचालक और कर्मचारियों की मिलीभगत से उपभोक्ताओं के पास बिना सिलेंडर प्राप्त हुए ही ‘गैस डिलीवरी’ के मैसेज आ रहे हैं। जब उपभोक्ता इस गड़बड़ी की शिकायत लेकर एजेंसी पहुँचता है, तो उसे अगली तारीख का आश्वासन देकर भगा दिया जाता है। उपभोक्ताओं को अंदेशा है कि उनके हिस्से की गैस की व्यावसायिक स्तर पर कालाबाजारी की जा रही है।
इन उपभोक्ताओं ने दर्ज कराई शिकायत
कार्रवाई की मांग करने वालों में मुख्य रूप से विष्णु कुमार, शाकिर अली, जुनेद अली, राहुल कुमार, बंटी माहौर सहित दर्जनों ग्रामीण व कस्बावासी शामिल हैं। उपभोक्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गैस वितरण व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ और होम डिलीवरी शुरू नहीं की गई, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे।


























