
हाथरस 28 अप्रैल । वक्फ संपत्तियों के पोर्टल पर अपलोड किए गए विवरण में भारी गड़बड़ी पाए जाने के बाद शासन ने हाथरस जिले से भेजी गई सूची को बड़ा झटका दिया है। जिले द्वारा भेजी गई कुल 350 वक्फ संपत्तियों में से 280 संपत्तियों का डेटा शासन ने तकनीकी विसंगतियों के चलते खारिज कर दिया है। अब संबंधित विभाग को इन संपत्तियों का ब्योरा राजस्व अभिलेखों से मिलान कर नए सिरे से पोर्टल पर अपलोड करना होगा। शासन की रिपोर्ट के अनुसार, डेटा खारिज होने का मुख्य कारण प्रशासनिक लापरवाही और तकनीकी त्रुटियां हैं। जांच में सामने आया कि पोर्टल पर फीड की गई जानकारी और खतौनी जैसे आधिकारिक सरकारी दस्तावेजों में जमीन के रकबे (क्षेत्रफल) का भारी अंतर है। इसके अतिरिक्त, कई मस्जिदों और वक्फ संपत्तियों के आधिकारिक नंबरों में भी गलतियां पाई गईं। राजस्व अभिलेखों के साथ डेटा का मिलान न हो पाने के कारण संपत्तियों की स्थिति संदिग्ध बनी हुई थी। शासन ने जिले को सख्त निर्देश दिए हैं कि सभी 280 संपत्तियों के विवरण को सुव्यवस्थित किया जाए। अब विभाग को इन संपत्तियों की दोबारा स्थलीय जांच करनी होगी और राजस्व विभाग के सहयोग से पैमाइश कराकर दस्तावेजों को त्रुटिहीन बनाना होगा। जिला समन्वयक राजा ने बताया कि शासन की आपत्तियों के आधार पर जांच प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जल्द ही राजस्व अभिलेखों का बारीकी से मिलान कर सटीक और त्रुटिहीन डेटा पोर्टल पर दोबारा अपलोड कर दिया जाएगा, ताकि आगे कोई आपत्ति न आए।























