
हाथरस 18 अप्रैल । जिले में चल रहे नियमित टीकाकरण अभियान की जमीनी हकीकत परखने के लिए आज जिला प्रतिरक्षण अधिकारी (DIO) डॉ. एम.आई. आलम ने ब्लॉक हसायन के विभिन्न टीकाकरण सत्रों और कोल्ड चैन सेंटर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर गंभीर खामियां और कर्मचारियों की लापरवाही उजागर हुई, जिस पर डॉ. आलम ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंधित कर्मचारियों को चेतावनी जारी की और प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को स्पष्टीकरण तलब करने के निर्देश दिए।
निरीक्षण की शुरुआत ब्लॉक हसायन के गांव कलूपुरा (उपकेन्द्र रति) से हुई, जहां एएनएम विजयलता द्वारा एक निजी आवास पर सत्र का आयोजन किया जा रहा था। डॉ. आलम ने पाया कि 12 निर्धारित लाभार्थियों के सापेक्ष दोपहर तक मात्र एक गर्भवती महिला का ही टीकाकरण हो सका था। मौके पर मौजूद आशा कार्यकर्ता ममता द्वारा न तो बुलावा पर्ची का वितरण किया गया था और न ही वी.एच.आई.आर. रजिस्टर अपडेट था। आशा की इस कार्यप्रणाली को घोर लापरवाही मानते हुए जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने उन्हें तत्काल कार्यशैली में सुधार करने के निर्देश दिए। इसके बाद दोपहर 12:30 बजे बदनपुर सत्र के निरीक्षण में भी स्थिति संतोषजनक नहीं मिली। वहां एएनएम ललितेश की मौजूदगी में 31 लाभार्थियों के लक्ष्य के मुकाबले केवल 02 का ही टीकाकरण हुआ था, जबकि आशा शकुंतला का रजिस्टर भी अपूर्ण पाया गया। इस पर डॉ. आलम ने एएनएम को चेतावनी जारी करते हुए प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को मामले की विस्तृत आख्या और स्पष्टीकरण भेजने के निर्देश दिए।
सत्रों के निरीक्षण के अलावा डॉ. आलम ने प्रातः 11:30 बजे कोल्ड चैन हसायन का भी जायजा लिया। निरीक्षण के समय आई.ओ. रवेन्द्र प्रताप उपस्थित थे, लेकिन जब वैक्सीन वितरण और स्टॉक रजिस्टर का ई-विन (e-VIN) पोर्टल के साथ भौतिक सत्यापन किया गया, तो डेटा में भिन्नता पाई गई। स्टॉक का मिलान सही न होने पर जिला प्रतिरक्षण अधिकारी ने गहरी नाराजगी जताई और संबंधित आई.ओ. को कड़ी चेतावनी जारी करने के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि टीकाकरण जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।























