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मथुरा 10 जुलाई। भारत में तेजी से बढ़ रहे पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग ने युवाओं के लिए रोजगार के नए द्वार खोल दिए हैं। विशेषज्ञों के अनुसार वर्ष 2030 तक यह क्षेत्र देश के सबसे बड़े रोजगार सृजक उद्योगों में शामिल होगा। ऐसे में संस्कृति विश्वविद्यालय का स्कूल ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी विद्यार्थियों को उद्योग की मांग के अनुरूप व्यावहारिक एवं रोजगारपरक शिक्षा उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सफल करियर के लिए तैयार कर रहा है। स्कूल ऑफ टूरिज्म एंड हॉस्पिटैलिटी के डीन डॉ. रतीश शर्मा ने बताया कि विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों को आधुनिक प्रयोगशालाओं में व्यावहारिक प्रशिक्षण, उद्योग आधारित शिक्षा, इंटर्नशिप, व्यक्तित्व विकास तथा प्लेसमेंट सहायता प्रदान की जाती है। इसी का परिणाम है कि संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थी और पूर्व छात्र अमेरिका, फ्रांस, मालदीव, कतर, कुवैत, दुबई और तुर्की सहित अनेक देशों के प्रतिष्ठित होटल एवं रिसॉर्ट्स में आकर्षक वेतनमान पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय के छात्र केवल होटल उद्योग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस, अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ कंपनियों, भारतीय रेलवे, सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सरकारी एवं निजी अस्पतालों, कॉर्पोरेट संस्थानों तथा देश के प्रमुख होटल समूहों में भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. शर्मा ने कहा कि वर्तमान समय में बी.एससी. (हॉस्पिटैलिटी एंड होटल मैनेजमेंट) केवल एक डिग्री नहीं, बल्कि वैश्विक करियर का मजबूत आधार बन चुकी है। बेहतर सड़क, रेल एवं हवाई संपर्क, घरेलू पर्यटन में वृद्धि, धार्मिक एवं मेडिकल टूरिज्म का विस्तार, वैश्विक होटल ब्रांडों का निवेश और लोगों की बढ़ती आय के कारण प्रशिक्षित हॉस्पिटैलिटी प्रोफेशनल्स की मांग लगातार बढ़ रही है। उद्योग रिपोर्टों के अनुसार वर्ष 2030 तक भारत में एक लाख से अधिक नए ब्रांडेड होटल रूम विकसित होने की संभावना है। इसके साथ ही सैकड़ों नए होटल, रिसॉर्ट और आतिथ्य परियोजनाएं शुरू होंगी, जिनके संचालन के लिए बड़ी संख्या में प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता होगी। वहीं विश्व यात्रा एवं पर्यटन परिषद (WTTC) के अनुमान के अनुसार वर्ष 2034 तक भारत का ट्रैवल एवं टूरिज्म क्षेत्र लगभग 6.3 करोड़ लोगों को प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार प्रदान कर सकता है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले वर्षों में हॉस्पिटैलिटी शिक्षा प्राप्त युवाओं के लिए रोजगार के अवसर होटल उद्योग के अलावा एयरलाइंस, एयरपोर्ट ग्राउंड सर्विस, लाउंज मैनेजमेंट, अंतरराष्ट्रीय क्रूज़ लाइन, रेलवे एवं रेलवे कैटरिंग, रक्षा प्रतिष्ठानों की हॉस्पिटैलिटी सेवाएं, सरकारी एवं निजी अस्पताल, मेडिकल टूरिज्म, कॉर्पोरेट हॉस्पिटैलिटी, इवेंट एवं वेडिंग मैनेजमेंट, ट्रैवल एवं टूरिज्म, डेस्टिनेशन मैनेजमेंट तथा स्वयं का होटल, रेस्टोरेंट, कैफे एवं कैटरिंग व्यवसाय स्थापित करने जैसे अनेक क्षेत्रों में उपलब्ध हैं। संस्कृति विश्वविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ व्यावहारिक अनुभव प्रदान कर उन्हें वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है, ताकि वे पर्यटन एवं हॉस्पिटैलिटी उद्योग में सफल और उज्ज्वल भविष्य का निर्माण कर सकें।

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