
हाथरस 10 जुलाई। जिले में मानसून के दौरान बारिश हो रही है, इस बीच जिले में सर्पदंश की घटनाओं में अचानक बढ़ोतरी ने प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की चिंता बढ़ा दी है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में एक ही रात के दौरान 20 लोगों को सांप ने डस लिया, जिन्हें तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। गंभीर हालत वाले कुछ मरीजों को बेहतर उपचार के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया है। लगातार बारिश के कारण खेतों और निचले इलाकों में पानी भर जाने से सांप अपने बिलों से निकलकर रिहायशी क्षेत्रों और खेतों तक पहुंच रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि बारिश के मौसम में हर वर्ष सर्पदंश के मामले बढ़ते हैं, लेकिन एक ही रात में इतनी बड़ी संख्या में मरीजों का अस्पताल पहुंचना चिंताजनक है। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पूरी रात अलग-अलग क्षेत्रों से सर्पदंश के मरीज पहुंचते रहे। किसी व्यक्ति को खेत में काम करते समय सांप ने काटा, तो किसी को घर में सोते समय या घर के बाहर निकलने के दौरान सांप ने डस लिया। चिकित्सकों ने सभी मरीजों का तत्काल उपचार शुरू करते हुए एंटी स्नेक वेनम (एएसवी) उपलब्ध कराया। जिन मरीजों की हालत गंभीर थी, उन्हें उच्च चिकित्सा संस्थानों के लिए रेफर कर दिया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार, पिछले पांच दिनों में सर्पदंश से तीन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य मरीज विभिन्न अस्पतालों में उपचाराधीन हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सकों का कहना है कि इन दिनों प्रतिदिन औसतन छह से आठ सर्पदंश के मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। बढ़ते मामलों को देखते हुए जिले के सभी सरकारी अस्पतालों एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में पर्याप्त मात्रा में एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए हैं। बारिश के मौसम में बरतें ये सावधानियां, चिकित्सकों ने लोगों से अपील की है कि बारिश के मौसम में विशेष सतर्कता बरतें। रात के समय बिना जूते-चप्पल पहने बाहर न निकलें तथा अंधेरे में जाने से पहले टॉर्च का प्रयोग अवश्य करें। घर और आसपास की झाड़ियों एवं घास की नियमित सफाई करें ताकि सांपों को छिपने का स्थान न मिले। खेतों में कार्य करते समय पानी भरे या घनी घास वाले क्षेत्रों में बिना देखे कदम न रखें। सांप काटने पर क्या करें, स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सांप काटने के बाद झाड़-फूंक या घरेलू उपचार के भरोसे समय गंवाना खतरनाक हो सकता है। यदि किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो उसे शांत रखें, घबराने न दें और जिस अंग पर सांप ने काटा है उसे यथासंभव स्थिर रखें, ताकि विष तेजी से शरीर में न फैले। इसके बाद बिना किसी देरी के मरीज को निकटतम सरकारी अस्पताल या ऐसे स्वास्थ्य केंद्र ले जाएं, जहां एंटी स्नेक वेनम उपलब्ध हो। समय पर उपचार मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
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