आंध्र प्रदेश की पाठ्यपुस्तकों में गूंजेगी हाथरस के साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला की रचनाएं
साहित्य हाथरस शहर
1 min read
128

आंध्र प्रदेश की पाठ्यपुस्तकों में गूंजेगी हाथरस के साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला की रचनाएं

August 8, 2026
0

हाथरस 08 अगस्त। जिले के साहित्यकार त्रिलोक सिंह ठकुरेला की रचनाएं अब आंध्र प्रदेश के छात्र विभिन्न कक्षाओं में पढ़ेंगे। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020, राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा-2023 और 21वीं सदी के कौशलों के अनुरूप आंध्र प्रदेश सरकार की कक्षा सात की द्वितीय भाषा हिंदी की पाठ्य-पुस्तक ‘कुसुम’ में त्रिलोक सिंह ठकुरेला

Continue Reading
सुरजीत मान जलईया सिंह की नई रचना ” प्रधान ”
साहित्य
0 min read
1413

सुरजीत मान जलईया सिंह की नई रचना ” प्रधान ”

April 14, 2021
0

पीठ पीछे जानता है क्या क्या कहते लोग हैं? सामने आता नहीं है कोई भी रघुराज के। जीतकर आया प्रधानी रोब थानेदार का। रोज दुगना बढ़ रहा है कद भी अब किरदार का। छटपटाती है खजूरी बोलती कुछ भी नहीं जैसे पंजों में फंसी हो एक चिड़िया बाज़ के। सामने

Continue Reading
साहित्य
0 min read
888

अवशेष मानवतावादी का गीत – फिर भी ईश्वर के होने का होता है अहसास

November 17, 2019
0

ना तो कोई भी सबूत है ना गवाह है पास। फिर ईश्वर भी के होने का होता है अहसास।। तोड़ तोड़कर कण को हमने कण कण में तोड़ा। फिर कण के टूटे कण कण को आपस में जोड़ा।। तत्व तत्व में छिपे तत्व का सारा तत्व निकाला, धरती क्या अम्बर

Continue Reading
साहित्य
1 min read
789

शिव कुमार ‘दीपक’ की बाल रचना

July 28, 2018
0

झूला लेकर आया सावन । हरियाली ले वर्षा आयी । बच्चों ने ली मन अंगड़ाई ।। दादुर पपिहा नाचे मोर । काली कोयल करे कनकोर ।। धानी चूँदर ओढ़े धरती । रिमझिम रिमझिम बरसा बरसी । छुक – छुक बच्चे रेल चलाते । हँसते गाते खूब नहाते ।। नदिया पोखर

Continue Reading
साहित्य
0 min read
917

अकबर सिंह अकेला की एक कविता –

July 27, 2018
0

वर्षा झमझम हो रही, मौसम भी परवान। हवा निराली चल रही, पंछी गाउत गान।। दिन में अँधियारी झुकी, बिल्कुल रात समान। लुका छिपी बदरा करें, सूरज अंतर ध्यान।। सांय काल में लग रहा, कबहुं न बरसो नीर | धूप खिली राहत मिली, बदलो रुखहिं समीर || अकबर सिंह अकेला मानिकपुर,

Continue Reading
साहित्य
1 min read
1202

यशोधरा यादव ‘यशो’का एक नवगीत

July 15, 2018
0

लेखनी कुछ गीत लिख दुःखित जन को प्रीति लिख . कामनाओं की लता जब पुष्प से सज्जित हुई यंत्रवत कर्मों से हटकर प्रीति प्रतिबिम्बत हुई छंद के स्वर्णिम सवेरों की नयी रणनीति लिख लेखनी………… सूखते संबंध की टहनी पर कलियां खिल उठें बैठे जो अनजान बन मन मीत बन मिल

Continue Reading
साहित्य
1 min read
667

कु० राखी सिंह शब्दिता की गजल

July 3, 2018
0

ग़ज़ल तुमको भी मुहब्बत है बता क्यूं नहीं देते । रस्मों को वफ़ाओं की निभा क्यूं नहीं देते ।। हंसकर के मुझे देते हैं वो दर्दे- जुदाई ; ज़ख्मों की मगर मुझको दवा क्यूं नहीं देते ।। आँखों में कहीं दर्द समन्दर सा है गहरा ; जी भर के मुझे

Continue Reading
साहित्य
1 min read
782

शिव कुमार ‘दीपक’ की कुंडलियां

June 30, 2018
0

पानी की महिमा बड़ी , पानी जग का सार । समझो वह बेकार है , जो ना पानीदार ।। जो ना पानीदार ,नदी,नल,सर, तरु,जलधर । करें नही सम्मान ,नाव ,नर ,शकुची ,नभचर। कहता ‘दीपक’ सत्य , बताते सुर ,नर ज्ञानी । पंच तत्व में एक ,मुख्य जीवन हित पानी ।-१

Continue Reading
साहित्य
1 min read
794

‘आह का अनुवाद’ गीतकार – इन्द्रपाल सिंह “इन्द्र”

June 30, 2018
0

——आह का अनुवाद—– अश्रु की गंगा नयन से पीर ने जब-जब उतारी, याद आती है तुम्हारी….याद आती है तुम्हारी…. मौन साधा है अधर ने पूर्ण है पर बात सारी, याद आती है तुम्हारी ….याद आती है तुम्हारी…. प्यार का संसार था वो कल्प मुझको याद है, सुर्ख अधरों की छुअन

Continue Reading
साहित्य
1 min read
909

मंदसौर घटना पर एक ज्वलन्त कविता अवशेष मानवतावादी द्वारा

June 30, 2018
0

मंदसौर घटना पर एक ज्वलन्त कविता …………………………………………… मंदसौर की घटना ने फिर से जनमानस हिला दिया। तार तार मानवता कर दी दानवता को खिला दिया।। आग क्रोध की लगी जहन में पीड़ा से है त्रस्त कलम। बोलो घायल मानवता पर कौन लगाएगा मरहम।। छोटी सी मासूम परी पर दुष्ट दरिंदे

Continue Reading