सिकन्दराराऊ 23 जून । निबंधन (रजिस्ट्री) विभाग के कार्यों के प्रस्तावित निजीकरण के विरोध में अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों का संयुक्त आंदोलन आज चौदहवें दिन भी जारी रहा। उप-पंजीयक कार्यालय परिसर में चल रहे धरना-प्रदर्शन एवं कलमबंद हड़ताल के दौरान आंदोलनकारियों ने सरकार से निजीकरण का प्रस्ताव तत्काल वापस लेने की मांग दोहराई। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता ललित कुमार बघेल धरना स्थल पर पहुंचे और आंदोलन को अपना पूर्ण समर्थन प्रदान किया। इस अवसर पर अधिवक्ताओं एवं आंदोलनकारियों ने उन्हें एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें निबंधन विभाग के निजीकरण से उत्पन्न होने वाले रोजगार संकट तथा आम जनता को होने वाली संभावित परेशानियों का उल्लेख किया गया। ज्ञापन प्राप्त करने के बाद ललित कुमार बघेल ने आंदोलनकारियों को आश्वस्त किया कि वह इस मुद्दे को समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव तक पहुंचाएंगे तथा निजीकरण के विरोध की आवाज को प्रदेश स्तर पर मजबूती से उठाने का प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि यह केवल अधिवक्ताओं या कर्मचारियों का विषय नहीं, बल्कि हजारों परिवारों की आजीविका और आम जनता की सुविधाओं से जुड़ा महत्वपूर्ण मुद्दा है।
धरना सभा की अध्यक्षता दी बार एसोसिएशन के उपाध्यक्ष भारत सिंह कुशवाहा एडवोकेट ने की, जबकि संचालन जय प्रकाश गुप्ता ने किया। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि निबंधन विभाग का निजीकरण होने से आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है तथा व्यवस्था की पारदर्शिता और जवाबदेही पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है। आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की कि वह अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों की भावनाओं का सम्मान करते हुए निजीकरण के प्रस्ताव को तत्काल वापस ले। वक्ताओं ने कहा कि लगातार चौदह दिनों से चल रहा यह आंदोलन अब व्यापक जनसमर्थन प्राप्त कर रहा है और जब तक सरकार कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लेती, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। धरना स्थल पर उपस्थित अधिवक्ताओं, कातिबों, स्टाम्प विक्रेताओं एवं टाइपिस्टों ने एकजुट होकर संकल्प लिया कि निबंधन विभाग के निजीकरण का प्रस्ताव वापस होने तक उनका आंदोलन अनवरत जारी रहेगा। इस अवसर पउपस्थित रहे युवराज सिंह चौहान, गौरी शंकर गुप्ता,नरेश प्रताप, विपिन कुमार, देवेंद्र दीक्षित शूल, राजेश बघेल (सचिव),चन्द्र भान सिंह बघेल, प्रियांशू दरगढ़,विजय उपाध्याय, भगवान सिंह,दीपेश पाठक,आनन्द कुमार, अवधेश कुमार बघेल(समाज सेवी), राकेश यादव (समाज सेवी),अमित कुमार बघेल, कोमल सिंह,मुनेश यादव, श्रीकृष्ण, उदयवीर सिंह,महेंद्र यादव,दिनेश माहौर,श्रीनिवास मुनीम,देवेंद्र कुमार संत आदि




















