सादाबाद 02 सितंबर। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) का धरना आज 24वें दिन भी जारी रहा। किसान आलू की फसल को लेकर चार मुख्य मांगों के समर्थन में तहसील परिसर में बैठे हैं। वे आलू का समर्थन मूल्य घोषित करने, सरकार द्वारा आलू खरीदने, इस साल कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा माफ करने और किसान रजिस्ट्री खत्म करने की मांग कर रहे हैं।
बुधवार सुबह करीब 10 बजे किसान नेताओं और पदाधिकारियों ने अनोखे तरीके से विरोध जताया। किसान आलू की मालाएं पहनकर तहसील परिसर में पहुंचे और सफाई अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि जिस जगह वे 24 दिनों से धरना दे रहे हैं, उसे साफ रखना भी उनका फर्ज है। किसान नेताओं ने बताया कि जैसे हर कोई अपने घर की सफाई को अपना धर्म समझता है, वैसे ही धरनास्थल और तहसील परिसर को साफ रखना भी उनका धर्म है। उन्होंने कहा कि प्रशासन उनकी मांगें सुने या न सुने, लेकिन किसान अपने कर्तव्य से पीछे नहीं हटेंगे। किसान शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात सरकार और प्रशासन तक पहुंचा रहे हैं। धरने पर बैठे किसानों का कहना है कि आलू उगाने का खर्च लगातार बढ़ रहा है, लेकिन फसल का सही दाम नहीं मिल रहा है। इसलिए सरकार को आलू का समर्थन मूल्य घोषित करके उसे खरीदना चाहिए, ताकि किसानों को उनकी फसल का अच्छा दाम मिल सके। इसके साथ ही कोल्ड स्टोरेज का भाड़ा माफ करने और किसान रजिस्ट्री खत्म करने की मांग भी जोर-शोर से उठाई जा रही है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के पदाधिकारियों ने बताया कि आंदोलन को आगे बढ़ाने के लिए 3 सितंबर को दोपहर 3 बजे तहसील परिसर में एक बड़ी पंचायत होगी। इसमें भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत किसानों को संबोधित करेंगे। संगठन ने ज्यादा से ज्यादा किसानों से इस पंचायत में पहुंचने की अपील की है।











