
हाथरस 28 अगस्त । जिले में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य को बेहतर बनाने तथा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के उद्देश्य से संचालित जननी सुरक्षा योजना में हाथरस ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के खातों में डीबीटी के माध्यम से प्रोत्साहन राशि पहुंचाने के मामले में हाथरस ने पूरे उत्तर प्रदेश और अलीगढ़ मंडल में प्रथम स्थान हासिल किया है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले में 7,545 संस्थागत प्रसव के सापेक्ष अब तक 6,649 प्रसूताओं के खातों में जननी सुरक्षा योजना की प्रोत्साहन राशि सफलतापूर्वक भेजी जा चुकी है। यह कुल संस्थागत प्रसव का 88.12 प्रतिशत है। इस उपलब्धि के साथ हाथरस ने प्रदेश और अलीगढ़ मंडल में पहली रैंक हासिल की है।
स्वास्थ्य केंद्रों ने भी किया बेहतर प्रदर्शन
जननी सुरक्षा योजना के भुगतान में जिले के विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा। मुरसान में 516 प्रसव और सादाबाद में 777 प्रसव के सापेक्ष भुगतान का प्रतिशत 100 प्रतिशत से अधिक दर्ज किया गया। वहीं सासनी में 534 प्रसवों के सापेक्ष 541 लाभार्थियों को भुगतान किया गया, जो 101.31 प्रतिशत रहा। हसायन में 728 लाभार्थियों में से 717 को योजना की धनराशि मिली, जबकि सिकंदराराऊ में 828 प्रसवों के सापेक्ष 816 महिलाओं के खातों में भुगतान किया गया। जिला महिला अस्पताल में कुल 905 प्रसव कराए गए, जिनमें से 884 प्रसूताओं को जननी सुरक्षा योजना की प्रोत्साहन राशि का लाभ मिल चुका है। इसी तरह सहपऊ में 345 प्रसवों के सापेक्ष 342 तथा महौ में 455 प्रसवों के सापेक्ष 374 लाभार्थियों को भुगतान किया गया।
शहरी स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति
शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में यूपीएचसी रानी का नगला ने 100 प्रतिशत भुगतान कर बेहतर प्रदर्शन किया है। वहीं मधुगढ़ी में 83.33 प्रतिशत, सिकंदराराऊ में 74.07 प्रतिशत, सादाबाद में 72.15 प्रतिशत और जलेसर रोड में 50 प्रतिशत लाभार्थियों के खातों में प्रोत्साहन राशि भेजी गई है। स्वास्थ्य विभाग की इस उपलब्धि को मातृ स्वास्थ्य सेवाओं और संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। योजना के तहत पात्र प्रसूताओं को समय से प्रोत्साहन राशि उपलब्ध कराने से महिलाओं को सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ने और अस्पतालों में प्रसव को प्रोत्साहित करने में मदद मिल रही है।












