
सादाबाद 21 अगस्त। तहसील परिसर में भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के नेतृत्व में चल रहे 12 दिवसीय धरना-प्रदर्शन के बीच आज को विशाल किसान महापंचायत का आयोजन किया गया। इसमें आगरा, अलीगढ़, मथुरा, फिरोजाबाद सहित अन्य जनपदों से किसान नेता और बड़ी संख्या में किसान शामिल हुए। महापंचायत में आलू किसानों की समस्याओं और लगातार बढ़ते कर्ज को लेकर सरकार से समाधान की मांग उठाई गई। महापंचायत को संबोधित करते हुए पूर्व विधायक प्रताप चौधरी ने चौधरी छोटूराम के कथन का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि किसान को पढ़ना, बोलना और अपने दुश्मन को पहचानना सीखना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षित होकर और अपनी बात मजबूती से रखकर किसान हर मंच पर अपनी समस्या उठा सकता है। चौधरी ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि आजादी के लगभग 80 वर्ष बाद भी किसान अपने हित-अहित को ठीक से पहचान नहीं पा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि जाति, धर्म और अन्य मुद्दों के नाम पर किसानों को बार-बार गुमराह किया जाता है, जिससे वे अपने मूल मुद्दों से भटक जाते हैं। प्रताप चौधरी ने भगत सिंह द्वारा विधानसभा में बम फेंकने की घटना का उदाहरण दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भगत सिंह का उद्देश्य किसी को नुकसान पहुंचाना नहीं था, बल्कि गूंगी-बहरी सरकार तक अपनी आवाज पहुंचाना था। चौधरी ने कहा कि आज किसान बम नहीं फेंक सकता, लेकिन उसके पास मतदान का अधिकार है। यदि किसान अपने वोट की ताकत पहचान ले, तो वह सरकार बदलने में सक्षम है।उन्होंने बताया कि पिछले 11-12 दिनों से चल रहे इस आंदोलन की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। आलू किसान की स्थिति अत्यंत दयनीय है। आज शायद ही कोई किसान ऐसा हो जिस पर बैंक, कोल्ड स्टोरेज या महाजन का कर्ज न हो। किसान इस उम्मीद में कर्ज लेता है कि फसल का उचित दाम मिलने पर उसे चुका देगा, लेकिन हर बार कर्ज कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। महापंचायत में पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी और पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने भी किसानों को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन किसान नेता चंद्रेश चौधरी ने किया।









