मथुरा 08 जुलाई । देश और विदेश में प्रशिक्षित नर्सिंग स्टाफ की लगातार बढ़ती मांग को देखते हुए संस्कृति विश्वविद्यालय के नर्सिंग स्कूल में नए सत्र के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू हो गई है। संस्थान के प्राचार्य डॉ. के.के. पाराशर ने बताया कि नर्सिंग आज एक ऐसा पेशा बन चुका है, जिसमें सेवा के साथ सम्मान, आकर्षक वेतन और देश-विदेश में रोजगार के व्यापक अवसर उपलब्ध हैं। उन्होंने बताया कि भारतीय नर्सिंग परिषद (आईएनसी) से मान्यता प्राप्त संस्कृति स्कूल ऑफ नर्सिंग में बीएससी नर्सिंग, जीएनएम और एएनएम पाठ्यक्रमों में प्रवेश लिए जा रहे हैं। बीएससी नर्सिंग में प्रवेश के लिए अभ्यर्थी का भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीव विज्ञान और अंग्रेजी विषयों के साथ 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है। यह चार वर्षीय पाठ्यक्रम है, जिसमें छह माह की अनिवार्य इंटर्नशिप भी कराई जाती है। वहीं जीएनएम पाठ्यक्रम में किसी भी विषय से 12वीं उत्तीर्ण विद्यार्थी प्रवेश ले सकते हैं। इसकी अवधि तीन वर्ष तथा छह माह की इंटर्नशिप है। एएनएम पाठ्यक्रम के लिए भी 12वीं उत्तीर्ण होना आवश्यक है और इसकी अवधि दो वर्ष निर्धारित की गई है।
डॉ. पाराशर ने बताया कि नर्सिंग की पढ़ाई पूरी करने वाले विद्यार्थियों के लिए शत-प्रतिशत रोजगार की संभावनाएं रहती हैं। अमेरिका, इंग्लैंड, ऑस्ट्रेलिया और खाड़ी देशों सहित भारत में भी प्रशिक्षित नर्सों की लगातार मांग बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बीएससी नर्सिंग के बाद विद्यार्थी एमएससी नर्सिंग और पीएचडी कर प्रोफेसर, प्राचार्य, नर्स एडमिनिस्ट्रेटर तथा क्लिनिकल रिसर्चर जैसे पदों तक पहुंच सकते हैं। इसके अलावा क्रिटिकल केयर, बाल रोग, मानसिक स्वास्थ्य, प्रसूति, हृदय रोग और सामुदायिक स्वास्थ्य नर्सिंग जैसी विशेषज्ञताओं में भी करियर बनाया जा सकता है। उन्होंने बताया कि संस्कृति नर्सिंग स्कूल को आईएनसी और यूजीसी से मान्यता प्राप्त है तथा यहां की डिग्री वैश्विक स्तर पर मान्य है। संस्थान का देश के प्रतिष्ठित अस्पतालों जैसे फोर्टिस, अपोलो और मैक्स हॉस्पिटल के साथ अनुबंध है, जहां विद्यार्थियों को क्लिनिकल ट्रेनिंग का अवसर मिलता है। विश्वविद्यालय परिसर में आधुनिक प्रयोगशालाएं, सुरक्षित छात्रावास और विश्वस्तरीय शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। प्राचार्य ने बताया कि नर्सिंग पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए अभ्यर्थियों को संस्कृति यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से समय रहते आवेदन कर नर्सिंग के क्षेत्र में उज्ज्वल भविष्य बनाने का आह्वान किया।


























