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लखनऊ 13 जून । प्रदेश के शिक्षकों एवं शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को जल्द ही बड़ी राहत मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार “मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना” शुरू करने की तैयारी में है। इस योजना के तहत पात्र शिक्षकों, कर्मचारियों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को प्रतिवर्ष 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा प्रदान की जाएगी।

स्टेट हेल्थ एजेंसी (साचीज़) की मुख्य कार्यकारी अधिकारी अर्चना वर्मा ने बताया कि योजना के लिए तैयार किए गए ऑनलाइन पोर्टल का बीटा वर्जन वर्तमान में परीक्षण के चरण में है। योजना के औपचारिक शुभारंभ से पहले पात्र कर्मचारियों का डेटा एकत्र कर उसे त्रुटिरहित बनाने का कार्य किया जा रहा है। पूर्व में नाम, जन्मतिथि, आधार और पारिवारिक विवरण में त्रुटियों के कारण कई मामलों में कार्ड जारी करने की प्रक्रिया प्रभावित हुई थी, इसलिए इस बार डेटा सैनेटाइजेशन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। साचीज़ द्वारा विकसित डेटा कलेक्शन पोर्टल के माध्यम से कर्मचारियों और उनके आश्रितों का विवरण एक समान प्रारूप में संकलित किया जा रहा है। अब तक 3.5 लाख से अधिक पात्र कर्मचारियों का डेटा जुटाया जा चुका है। अधिकारियों का मानना है कि डेटा की शुद्धता सुनिश्चित होने से कार्ड जारी करने की प्रक्रिया तेज होगी और अधिक से अधिक लाभार्थियों को योजना का लाभ मिल सकेगा।

योजना के तहत जारी होने वाले मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड के माध्यम से लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी एवं निजी अस्पतालों में उपचार प्राप्त कर सकेंगे। उपचार का खर्च निर्धारित सीमा तक सीधे योजना के माध्यम से वहन किया जाएगा, जिससे गंभीर बीमारियों अथवा आकस्मिक चिकित्सा स्थितियों में कर्मचारियों पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा। साचीज़ की सीईओ अर्चना वर्मा के अनुसार पोर्टल के परीक्षण के दौरान कार्ड निर्माण, लाभार्थी सत्यापन, अस्पतालों के साथ समन्वय तथा अन्य तकनीकी प्रक्रियाओं की जांच की जा रही है। परीक्षण सफल होने के बाद योजना का औपचारिक शुभारंभ किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस योजना से प्रदेश के लाखों शिक्षक, कर्मचारी और उनके परिवार बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे तथा इलाज पर होने वाले भारी खर्च से राहत मिलेगी।

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