सहपऊ 31 मई । जनपद में भयंकर बारिश और ओलावृष्टि से किसान बेहाल हो गए हैं. हजारों बीघा किसानों की फसल चौपट हो गई है.किसान सारी मेहनत पर पानी फिर गया है. खेत में हुए नुकसान को देखकर एक किसान तो फूट-फूट कर रो पड़ा. किसानों ने ओलावृष्टि से हुए नुकसान की भरपाई के लिए सरकार से मुआवजा देने की मांग की है. जिन फसलों को ओलावृष्टि से नुकसान हुआ है उनमें जायज की फसल जैसे मूंग उड़द दलहन, हरी मिर्च, लौकी, टमाटर, सब्जी एवं खरबूज,तरबूज आदि फसलें शामिल हैं.ओलावृष्टि का असर हाथरस जनपद के सहपऊ कस्बे एवं ब्लॉक क्षेत्र में सबसे अधिक है. इसके अतिरिक्त बारिश से पूरे जनपद की फसलों को नुकसान पहुँचा है. जिसके बाद किसान जहां बड़े स्तर पर नुकसान की बात कह रहे हैं. इस बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि की तबाही को देखकर किसान खून के आंसू रोने को मजबूर हैं,यह क्षेत्र कृषि पर निर्भर है आलू के कम रेट के कारण किसान पहले से परेशान हैं जायज की फसल से कुछ उम्मीद लगाकर बैठा था उसे कुदरत की मार ने अधमरा कर दिया इसके चलते दो जून की रोटी के लिए लाले पड़ गए, शासन -प्रशासन एवं कृषि विभाग बेमौसम बारिश एवं ओलावृष्टि का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाए जिससे किसान को कुछ राहत मिल सकें। सहपऊ निवासी किसान रजत उपाध्याय का कहना है पूर्व में आलू के कम रेट होने के कारण किसान बर्बाद हो चुका है, मेरे द्वारा जायज की फसल में करीब 20 बीघा मूँग की फसल लगाई थी जिसमें 70 से 75 हजार की कीटनाशक दवा का स्प्रे कराया गया साथ ही बीज अन्य लगात लगाकर अच्छी फसल आने का स्वपन देखा था, करीब ढ़ाई लाख रुपए उपज का अनुमान था। लोचन सिंह कुशवाहा की हरी मिर्च लौकी टमाटर,सब्जी एवं खरबूज आदि की फसल पूर्णतः नष्ट हो चुकी हैं। इस तरह सैकड़ों किसान बर्बाद फसल के मुआवजे की मांग कर रहा है कृर्षि विभाग, राजश्व विभाग नुकसान के आंकलन के लिए मिलकर कार्य करे. इस सर्वे और आंकलन की बाद रिपोर्ट शासन को भेंजे और किसानों को उनके नुकसान के एवज में बीमा कंपनी से बीमित राशि और शासन का जो भी निर्देश होगा उसके अनुसाए मुआवजा दिलाया जाए।
रजत उपाध्याय























