
हाथरस 31 मई । उत्तर प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को बड़ा झटका देते हुए उत्तर प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल) ने जून माह के बिजली बिल में 10 प्रतिशत अतिरिक्त फ्यूल सरचार्ज वसूलने का निर्णय लिया है। इस फैसले के बाद घरेलू, कृषि और व्यावसायिक उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा।
जानकारी के अनुसार फ्यूल सरचार्ज के तहत बिजली उत्पादन में उपयोग होने वाले ईंधन जैसे कोयला, गैस आदि की बढ़ी हुई लागत का भार उपभोक्ताओं पर डाला जाता है। यूपीपीसीएल का कहना है कि बिजली उत्पादन लागत में वृद्धि के चलते यह सरचार्ज लगाना आवश्यक हो गया है। बिजली उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही बिजली कटौती, स्मार्ट मीटर संबंधी समस्याओं और बढ़ती महंगाई से लोग परेशान हैं। ऐसे में 10 प्रतिशत अतिरिक्त सरचार्ज आम उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर डालेगा। खासकर गर्मी के मौसम में बिजली की खपत बढ़ने से बिल भी अधिक आएंगे, जिससे उपभोक्ताओं की चिंता बढ़ गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस निर्णय का सबसे अधिक प्रभाव घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों और छोटे व्यापारियों पर पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में पहले से ही बिजली आपूर्ति की अनियमितता को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। ऐसे में अतिरिक्त सरचार्ज से लोगों की नाराजगी बढ़ सकती है। गौरतलब है कि इससे पहले अप्रैल 2025 में 1.24 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज लगाया गया था, जो करीब पांच वर्ष बाद लागू किया गया था। इसके बाद फरवरी 2026 में भी 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज लगाया गया था। अब महज चार महीने के अंतराल में फिर से 10 प्रतिशत सरचार्ज लगाए जाने से उपभोक्ताओं में असंतोष की संभावना बढ़ गई है। उपभोक्ता संगठनों का कहना है कि बिजली व्यवस्था में सुधार और निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित किए बिना लगातार सरचार्ज बढ़ाना आम जनता पर अतिरिक्त बोझ डालने जैसा है। आने वाले दिनों में इस फैसले का विरोध भी देखने को मिल सकता है।























