
हाथरस 31 मई । शहर के मथुरा रोड स्थित गुलाब बाग क्षेत्र में एक मकान मालकिन ने अपने किराएदार दंपती पर लाखों रुपये की ठगी, किराया न देने और धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना हाथरस गेट क्षेत्र के नगला सड़क जोगिया निवासी कमलेश पत्नी विजय सिंह ने पुलिस उपमहानिरीक्षक अलीगढ़ परिक्षेत्र को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि उन्होंने 20 अगस्त 2022 को अपना मकान उमा पत्नी मनोज कुमार वार्ष्णेय और मनोज कुमार वार्ष्णेय को 12 हजार रुपये प्रतिमाह किराए पर दिया था। बिजली बिल अलग से देने की शर्त तय हुई थी। पीड़िता के अनुसार कुछ समय बाद उमा ने दुकान खरीदने के लिए नौ लाख रुपये उधार मांगे। विश्वास में आकर उन्होंने 10 अप्रैल 2023 को पांच लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से उमा के बैंक खाते में ट्रांसफर किए, जबकि चार लाख रुपये नकद दिए। आरोप है कि रुपये दो माह में लौटाने का वादा किया गया था, लेकिन बाद में लगातार समय बढ़ाया जाता रहा। कमलेश का आरोप है कि उमा ने धामपुर (बिजनौर) और रोहतक में जमीन होने तथा उसका मुआवजा मिलने की बात कहकर भरोसा दिलाया कि रुपये जल्द लौटा दिए जाएंगे। इसी दौरान बच्चों के इलाज के नाम पर भी 50-50 हजार रुपये नकद लिए गए। आरोप है कि दंपती ने मकान का किराया और बिजली बिल देना भी बंद कर दिया। ढाई वर्ष का लगभग 3.60 लाख रुपये किराया तथा करीब 90 हजार रुपये बिजली बिल बकाया हो गया। भरोसा बनाए रखने के लिए आरोपियों ने 7.50 लाख और 7 लाख रुपये के हस्ताक्षरित चेक भी दिए थे। पीड़िता के अनुसार 7 अप्रैल 2026 को उमा ने फोन कर बताया कि वह रोहतक मुआवजा लेने गई है और 9 अप्रैल को लौटकर भुगतान कर देगी। लेकिन 8 अप्रैल को जब वह मकान पर पहुंचीं तो देखा कि दंपती बच्चों और सामान सहित रातों-रात फरार हो चुके थे तथा मकान के सभी गेटों पर ताले लगे हुए थे। कमलेश का आरोप है कि इसके बाद फोन पर संपर्क करने पर भी उन्हें गुमराह किया जाता रहा। मामले में पुलिस ने शिकायत के आधार पर अभियोग पंजीकृत कर जांच शुरू कर दी है।























