सिकंदराराऊ (हसायन) 31 मई । विकासखंड क्षेत्र में संचालित बाल विकास परियोजना कार्यालय के अधीन आंगनबाड़ी केंद्रों पर अप्रैल और मई माह का पुष्टाहार (टीएचआर) उपलब्ध न होने से आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों एवं लाभार्थियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राशन सामग्री नहीं आने के बावजूद ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने को लेकर कार्यकत्रियों को लाभार्थियों से सवालों का सामना करना पड़ रहा है। शनिवार को गांव बस्तोई में एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री द्वारा लाभार्थी को पुष्टाहार वितरित किए बिना ही विभागीय पोषण ट्रैकर पोर्टल पर एचटीआर (टेक होम राशन) की ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत फेस कैप्चर कराने का प्रयास किया गया। इस दौरान लाभार्थी और कार्यकत्री के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई। मामले में बाल विकास परियोजना कार्यालय पर तैनात कार्यवाहक सीडीपीओ एवं ब्लॉक स्तरीय पोषाहार प्रभारी सुपरवाइजर रेखा सिंह ने बताया कि विभाग को अभी अप्रैल और मई माह का पुष्टाहार प्राप्त नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि पोषण ट्रैकर पर लाभार्थियों का फेस कैप्चर और एचटीआर की ऑनलाइन प्रविष्टि करना आवश्यक है, क्योंकि ऐसा नहीं करने पर भविष्य में लाभार्थियों को मिलने वाला राशन प्रभावित हो सकता है। उन्होंने बताया कि यदि जून के प्रथम सप्ताह में राशन प्राप्त हो जाता है तो अप्रैल और मई माह का पुष्टाहार लाभार्थियों को वितरित कर दिया जाएगा। वहीं यदि राशन जून के अंतिम सप्ताह में आता है तो तीन माह का पुष्टाहार एक साथ वितरित किया जाएगा। रेखा सिंह ने बताया कि पोषण ट्रैकर पर एचटीआर के साथ-साथ सीबीई गतिविधियां, गोद भराई, अन्नप्राशन कार्यक्रम तथा वीएचएसएनडी के अंतर्गत महिलाओं और बच्चों के टीकाकरण संबंधी विवरण भी नियमित रूप से ऑनलाइन दर्ज करना अनिवार्य है। सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को प्रतिदिन संचालित कर संबंधित गतिविधियों का विवरण पोर्टल पर अपलोड किया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि आगामी समय में पुष्टाहार वितरण की सामग्री में बदलाव किया जाएगा और दाल, दलिया तथा तेल के स्थान पर नई प्रकार की सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। विभाग को सामग्री प्राप्त होते ही पात्र लाभार्थियों में उसका वितरण कराया जाएगा।
अब फेस रिकॉग्निशन सिस्टम से मिलेगा आंगनबाड़ी पुष्टाहार
विकासखंड क्षेत्र की ग्राम पंचायत बस्तोई में अप्रैल और मई माह का पुष्टाहार वितरित किए बिना लाभार्थी का फेस कैप्चर कर एचटीआर भरने को लेकर हुए विवाद के बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय ने नई व्यवस्था को लेकर स्पष्टीकरण जारी किया है। रविवार को जिला कार्यक्रम अधिकारी धीरेन्द्र उपाध्याय की ओर से जारी प्रेस नोट में बताया गया कि प्रदेश में अब अनुपूरक पुष्टाहार वितरण के लिए नई रेसिपी आधारित व्यवस्था लागू की जा रही है। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के बेहतर पोषण के उद्देश्य से भारत सरकार की गाइडलाइन तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के तहत रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार प्रणाली लागू की गई है। इस व्यवस्था को लागू करने वाला उत्तर प्रदेश देश का पहला राज्य बन गया है। नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को निर्धारित पोषण मानकों के अनुरूप पुष्टाहार उपलब्ध कराया जाएगा। इसके लिए नेफेड द्वारा रेसिपी आधारित अनुपूरक पुष्टाहार तैयार कर सीधे आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। वितरण प्रक्रिया में पारदर्शिता और निगरानी सुनिश्चित करने के लिए फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (एफआरएस) लागू किया गया है। अधिकारियों के अनुसार अब अनुपूरक पुष्टाहार का ऑफलाइन वितरण मान्य नहीं होगा। केवल एफआरएस प्रणाली के माध्यम से ही वितरण को वैध माना जाएगा। इससे लाभार्थियों तक पोषण सामग्री सही तरीके से पहुंचाने और किसी भी प्रकार की अनियमितता को रोकने में सहायता मिलेगी। नई व्यवस्था के तहत लाभार्थियों को सात श्रेणियों में विभाजित किया गया है और प्रत्येक श्रेणी के लिए अलग-अलग प्रकार के पैकेट उपलब्ध कराए जाएंगे। नेफेड द्वारा यह सामग्री जनपद के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों तक पहुंचाई जाएगी। वितरण के दौरान आंगनबाड़ी कार्यकत्री के मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सामग्री प्राप्ति की पुष्टि होगी। साथ ही सामग्री पहुंचाने वाले एवं प्राप्त करने वाले की जीपीएस लोकेशन सहित फोटो भी पोर्टल पर अपलोड की जाएगी। जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि हाथरस जनपद में नई व्यवस्था के तहत जून माह में पहली आपूर्ति प्राप्त होने की संभावना है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर सामग्री पहुंचने के बाद लाभार्थियों को एफआरएस प्रणाली के माध्यम से पुष्टाहार वितरित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह नई व्यवस्था कुपोषण के खिलाफ अभियान को और प्रभावी बनाएगी तथा बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को बेहतर पोषण उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।























