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मथुरा 26 मई । केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एण्ड रिसर्च सेण्टर के सामुदायिक चिकित्सा विभाग द्वारा मंगलवार को मेडिसर्च-2026 के अंतर्गत अनुसंधान पद्धति और जैवसांख्यिकी विषय पर सतत् चिकित्सा शिक्षा (सीएमई) कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के विभिन्न मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों के स्नातकोत्तर छात्र-छात्राओं और संकाय सदस्यों ने सहभागिता की। सीएमई कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. श्याम सिवासामी ने स्वास्थ्य विज्ञान एवं चिकित्सा अनुसंधान में जैवसांख्यिकी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यह चिकित्सकों एवं शोधकर्ताओं को वैज्ञानिक डेटा संग्रह, सटीक विश्लेषण तथा अध्ययन डिजाइन के व्यावहारिक कौशल विकसित करने में सहायक होती है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के मार्गदर्शन में आयोजित कार्यक्रम का शुभारम्भ मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण अग्रवाल, केडी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी, डॉ. श्याम सिवासामी, केडी मेडिकल कॉलेज के डीन एवं प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका, डॉ. गगन दीप कौर, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. गगन दीप सिंह, कुलसचिव डॉ. विकास कुमार अग्रवाल, केडी डेंटल कॉलेज की प्राचार्या डॉ. नवप्रीत कौर एवं प्रो. डॉ. अमनजोत कौर द्वारा मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्वलन कर किया गया। सामुदायिक चिकित्सा विभागाध्यक्ष एवं उप-प्राचार्या डॉ. गगनदीप कौर तथा प्रो. डॉ. अमनजोत कौर ने कार्यक्रम के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि सीएमई का उद्देश्य छात्र-छात्राओं एवं संकाय सदस्यों को जैवसांख्यिकी के व्यावहारिक पक्षों की बुनियादी समझ प्रदान करना है। मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण अग्रवाल ने कहा कि प्रत्येक चिकित्सा पेशेवर के लिए शोध से जुड़े अवसरों का लाभ उठाना आवश्यक है। वहीं कुलपति डॉ. मनेष लाहौरी ने कहा कि आधुनिक चिकित्सा नए शोध एवं वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर निरंतर विकसित हो रही है तथा शोध कार्य चिकित्सकों को अधिक तार्किक, जिम्मेदार और वैज्ञानिक दृष्टिकोण प्रदान करता है। डीन एवं प्राचार्य डॉ. आर.के. अशोका ने कहा कि राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग द्वारा स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम में शोध पद्धति प्रशिक्षण को अनिवार्य किया जाना चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम है। सीएमई के दौरान डॉ. श्याम सिवासामी ने अनुप्रयुक्त जैवसांख्यिकी, आनुमानिक सांख्यिकी, अध्ययन डिजाइन, नमूनाकरण तकनीक, रोग पहचान, एमएस एक्सेल एवं एसपीएसएस पर सांख्यिकीय विश्लेषण, मास्टर चार्ट तैयार करने तथा नमूना आकार की गणना जैसे विषयों पर विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम में जीएलए विश्वविद्यालय, केएम मेडिकल कॉलेज, एफएच मेडिकल कॉलेज, जीएमसी मेवात हरियाणा तथा श्री वेंकेटेश्वर इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज गजरौला सहित विभिन्न संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की। कार्यक्रम की सफलता में डॉ. गगन दीप कौर, डॉ. अमनजोत कौर, डॉ. बिश्वा बिनोद सनफुई, डॉ. स्वेता सिंह, डॉ. शुभ्रा दुबे, डॉ. निखिल थोराट एवं अंकुर कुमार सहित अन्य सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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