
हाथरस 11 जुलाई। चंदपा थाना क्षेत्र के बूलगढ़ी गांव में 19 वर्षीय युवक सनी की मौत के बाद शनिवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और हत्या तथा एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ने की मांग पर अड़ गए। करीब पांच घंटे चली बातचीत के बाद पुलिस ने मुकदमे में नई धाराएं बढ़ाईं, जिसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार शाम 19 वर्षीय सनी, पुत्र संतोष, की ट्रैक्टर के नीचे दबने से मौत हो गई थी। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस ने दुर्घटना का मुकदमा दर्ज किया था। हालांकि, मृतक के परिजनों का आरोप है कि गांव निवासी बनी सिंह और उसके भाई सुनील ने पुरानी रंजिश के चलते सनी की हत्या की है। परिजनों का कहना था कि जब तक मुकदमे में हत्या और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) अधिनियम की धाराएं नहीं जोड़ी जाएंगी, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस और प्रशासन पहले से ही सतर्क था। शनिवार को शव गांव पहुंचते ही महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। स्थिति तनावपूर्ण हो गई और कुछ महिलाओं ने ईंटें उठा लीं। मौके पर मौजूद पुलिस बल ने समझाइश देकर हालात को नियंत्रित किया। इस दौरान बहुजन समाज पार्टी के जिलाध्यक्ष राजकपूर भी गांव पहुंचे और परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया। करीब पांच घंटे तक चली वार्ता के बाद शाम लगभग पांच बजे पुलिस अधिकारियों ने मुकदमे में हत्या तथा एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ने का आश्वासन देते हुए आवश्यक कार्रवाई की। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए तैयार हो गए। पुलिस ने मामले में नामजद आरोपी बनी सिंह को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि मामले की जांच जारी है। गौरतलब है कि बूलगढ़ी गांव वर्ष 2020 में हुई चर्चित घटना के बाद से संवेदनशील गांवों में शामिल है। सुरक्षा के मद्देनजर गांव में आज भी केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती है। शनिवार को भी पूरे गांव को पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया गया था, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।





















