हाथरस 01 जुलाई। साहित्यिक एवं सांस्कृतिक संस्था ब्रज कला केंद्र के तत्वावधान में संस्था के अध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य की पूज्य माता एवं शहर की प्रमुख समाजसेविका, श्री राधा कृष्ण कृपा भवन की संस्थापिका स्मृति शेष कैलाश कुमारी की पुण्य स्मृति में संत तुलसी साहिब आश्रम में श्रद्धांजलि एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता वर्तमान मुख्य गद्दीधर महंत गुरु लोचन दास साहिब महाराज ने की, जबकि मुख्य अतिथि मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजकुमार बाजपेयी रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ स्मृति शेष कैलाश कुमारी के चित्र पर अध्यक्ष, मुख्य अतिथि, साहित्यकारों एवं समाजसेवियों द्वारा माल्यार्पण एवं पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। इसके उपरांत शहर की प्रमुख समाजसेविका अखिलेश गुप्ता को सामाजिक क्षेत्र में उनके उत्कृष्ट योगदान एवं जनसेवा के लिए “कैलाश कुमारी स्मृति सम्मान” से सम्मानित किया गया।
आयोजित काव्य गोष्ठी में आशुकवि अनिल बोहरे एवं घुमक्कड़ कवि गाफिल स्वामी ने अपनी भावपूर्ण रचनाओं के माध्यम से स्मृति शेष कैलाश कुमारी को श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर ब्राह्मण सभा के पूर्व अध्यक्ष पंडित अविनाश चंद पचौरी एवं पंडित ऋषि कुमार ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि माँ केवल परिवार ही नहीं, बल्कि पूरे समाज के संस्कारों की आधारशिला होती हैं। उन्होंने कहा कि स्मृति शेष कैलाश कुमारी का जीवन सेवा, सादगी, करुणा और मानवीय मूल्यों का जीवंत उदाहरण था तथा उनका व्यक्तित्व सदैव समाज को प्रेरित करता रहेगा।म ब्रज कला केंद्र की वरिष्ठ महासचिव वीना गुप्ता एडवोकेट एवं संरक्षक जीवनलाल शर्मा ने कहा कि मातृत्व त्याग, प्रेम और सेवा का सर्वोच्च स्वरूप है। स्मृति शेष कैलाश कुमारी ने अपने जीवन में मानवीय मूल्यों को सर्वोपरि रखते हुए सेवा और संस्कार की ऐसी मिसाल प्रस्तुत की, जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
ब्रज कला केंद्र के अध्यक्ष चन्द्रगुप्त विक्रमादित्य ने आभार व्यक्त करते हुए कहा कि माता-पिता का ऋण कभी चुकाया नहीं जा सकता। स्मृति शेष कैलाश कुमारी ने सेवा, संस्कार, संघर्ष और मानवता का जो मार्ग दिखाया, वही उनके जीवन की सबसे बड़ी प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि ब्रज कला केंद्र उनके आदर्शों को समाज तक पहुँचाने और सेवा की इस परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर कार्य करता रहेगा। कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि राजकुमार बाजपेयी को उपस्थित साहित्यकारों एवं समाजसेवियों द्वारा शॉल ओढ़ाकर एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मानित किया गया। सम्मान प्राप्त करने के बाद उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन केवल श्रद्धांजलि तक सीमित नहीं होते, बल्कि समाज को सेवा, संस्कार और मानवीय मूल्यों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम बनते हैं। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि स्मृति शेष कैलाश कुमारी के नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान समाज सेवा के क्षेत्र में कार्य करने वालों के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा।
अध्यक्षीय उद्बोधन में श्री महंत गुरु लोचन दास साहिब महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति में माँ का स्थान ईश्वर से भी ऊँचा माना गया है। जिस परिवार और समाज में मातृशक्ति का सम्मान होता है, वहाँ संस्कार, करुणा और मानवता स्वतः विकसित होती है। उन्होंने कहा कि स्मृति शेष कैलाश कुमारी जैसी विभूतियों का जीवन समाज को सदैव प्रेरित करता रहेगा। कार्यक्रम में कोषाध्यक्ष हरिशंकर वर्मा, प्रवक्ता कपिल नरूला, संतोष उपाध्याय, डॉ. अनार सिंह, पूजा वर्मा, अनिकेत “गोलू”, दिनेश गांधी, पन्नालाल, ठाकुर आकाश सिंह, विष्णु कुमार, संजय कप्तान सहित अनेक साहित्यकार, समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।


























