
सासनी 01 जुलाई। जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित बिलखोरा कला पाइप पेयजल योजना का आज मुख्य विकास अधिकारी पिएँ दीक्षित द्वारा निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान योजना में कई तकनीकी एवं व्यवस्थागत कमियां सामने आईं, जिनके शीघ्र निस्तारण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। निरीक्षण के समय अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) हाथरस मोहित कुमार, खंड विकास अधिकारी सासनी अनुज मिश्रा, सहायक अभियंता जल निगम (ग्रामीण) चंद्रपाल तथा कार्यदायी संस्था बीजीसीसीपीएल राम जानकी के प्रबंधक उपस्थित रहे। अधिकारियों ने बताया कि इस पेयजल योजना के अंतर्गत बिलखोरा कला एवं सुसायत कला ग्रामों को शामिल किया गया है। योजना में 225 किलोलीटर क्षमता का एक उच्च जलाशय, दो पंप हाउस तथा दो 7.5 हॉर्स पावर के नलकूप स्थापित किए गए हैं। बिलखोरा कला में पंप का संचालन सोलर ऊर्जा से तथा सुसायत कला में विद्युत आपूर्ति से किया जा रहा है। निरीक्षण में पाया गया कि 10.59 किलोमीटर प्रस्तावित पाइपलाइन के सापेक्ष अभी तक 9.78 किलोमीटर पाइपलाइन बिछाई गई है। वहीं 665 प्रस्तावित गृह जल संयोजनों में से 555 घरों को ही जल कनेक्शन उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में सोलर ऊर्जा से पंप संचालित कर जलाशय में पानी भरा जा रहा है। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि परिसर में स्थापित 15 केवीए जनरेटर में सेल्फ स्टार्ट की सुविधा उपलब्ध नहीं है, जिससे पंप ऑपरेटर को संचालन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा उच्च जलाशय में ओवरफ्लो जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है। परिसर में मिट्टी भराई एवं लेवलिंग का कार्य अधूरा है, मुख्य प्रवेश द्वार नहीं लगाया गया है तथा भवनों की रंगाई-पुताई भी अभी तक नहीं कराई गई है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि सुसायत कला से बिलखोरा कला तक पाइपलाइन वन विभाग की भूमि से होकर प्रस्तावित है। इसके लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्राप्त होना आवश्यक है। निरीक्षण के दौरान ही प्रभागीय वनाधिकारी से दूरभाष पर वार्ता कर प्रकरण का शीघ्र निस्तारण कराने के निर्देश दिए गए, ताकि शेष पाइपलाइन का कार्य समयबद्ध ढंग से पूरा किया जा सके।


























