
हाथरस 19 मई। जनपद के समृद्ध इतिहास, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं को संकलित कर गजेटियर के रूप में प्रकाशित करने की दिशा में प्रशासन ने महत्वपूर्ण पहल शुरू कर दी है। इसी क्रम में आज विकास भवन स्थित मीटिंग हॉल में मुख्य विकास अधिकारी पीएन दीक्षित की अध्यक्षता में जनपद के गजेटियर तैयार करने विषयक बैठक आयोजित की गई। बैठक में राकेश कुमार यादव, राजकुमार कुरील, पी. एन. यादव, अजिलेश कुमार, सत्येंद्र मिश्रा, गजेटियर प्रभारी राजवीर जी, जिला पंचायत राज विभाग की अधिकारी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा फैम के जिलाध्यक्ष सुरेश अग्रवाल, सर्राफा कमेटी अध्यक्ष मोहनलाल अग्रवाल, महामंत्री शैलेंद्र वार्ष्णेय, उपाध्याय जी तथा उपभोक्ता संरक्षण फोरम के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के इतिहास पर आधारित गजेटियर का प्रकाशन जुलाई 2026 तक सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि जिनके पास जनपद के इतिहास, पुरातात्विक धरोहरों, सांस्कृतिक परंपराओं, स्वतंत्रता सेनानियों, समाजसेवियों, धार्मिक विद्वानों या ऐतिहासिक स्थलों से संबंधित जानकारी, दस्तावेज, हस्तलिखित पांडुलिपियां अथवा फोटोग्राफ उपलब्ध हों, वे प्रशासन को उपलब्ध कराएं। बैठक में कहा गया कि हाथरस का इतिहास अत्यंत गौरवशाली रहा है। यह भूमि बलिदानियों, समाजसेवियों और धार्मिक विद्वानों की कर्मभूमि रही है। हाथरस को औद्योगिक नगरी के रूप में विशेष पहचान प्राप्त है। साथ ही पंडित नथाराम गौड़ की (स्वांग)परंपरा, खिच्चोमल के (रसिया) लोकधरोहर, हस्तलिखित पांडुलिपियां तथा दाऊजी मंदिर जैसी ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक धरोहरें जनपद की विशिष्ट पहचान हैं। प्रशासन द्वारा तैयार किया जा रहा यह गजेटियर हाथरस से संबंधित ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, सामाजिक, औद्योगिक और धार्मिक जानकारियों का प्रामाणिक दस्तावेज होगा, जो भविष्य में शोधार्थियों, विद्यार्थियों और आमजन के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा।


























