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सिकन्दराराऊ 19 जुलाई। राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के प्रदेश महासचिव एडवोकेट निशांत चौहान ने आरोप लगाया है कि बुलगढ़ी गांव में ट्रैक्टर दुर्घटना में सनी की मृत्यु के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने जाने से पहले उन्हें स्थानीय पुलिस द्वारा उनके आवास पर ही रोक दिया गया। एडवोकेट निशांत चौहान ने कहा कि संगठन की ओर से 20 जुलाई को पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर ट्रैक्टर दुर्घटना के मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा मामले में हत्या और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धाराएं जोड़े जाने पर आपत्ति दर्ज कराई जानी थी। उनका आरोप है कि शनिवार देर रात करीब 11 बजे सिकंदराराऊ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक पुलिस बल के साथ उनके घर पहुंचे और ज्ञापन देने के लिए जाने से रोकने का दबाव बनाया। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन बनी सिंह के साथ न्याय दिलाने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर चलाया जा रहा है। उनका आरोप है कि ट्रैक्टर दुर्घटना के मामले में तथ्यों को गलत तरीके से जोड़कर बनी सिंह के विरुद्ध हत्या और एससी/एसटी एक्ट की धाराएं लगाई गई हैं। उन्होंने कहा कि संगठन मृतक सनी के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करता है और दुर्घटना के तहत मिलने वाले सभी वैधानिक लाभ उन्हें मिलने चाहिए, लेकिन जांच तथ्यों के आधार पर होनी चाहिए। निशांत चौहान ने कहा कि संगठन किसी भी निर्दोष व्यक्ति को फंसाए जाने का विरोध करेगा और जब तक निष्पक्ष जांच सुनिश्चित नहीं होती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें शांतिपूर्ण ढंग से ज्ञापन देने से पहले ही घर में रोक दिया गया, जिसे उन्होंने अपने मौलिक एवं मानवीय अधिकारों का उल्लंघन बताया। इस दौरान पूर्व ब्लॉक प्रमुख महेंद्र सोलंकी, कर्मयोग सेवा संघ के संस्थापक अध्यक्ष विवेक शील राघव, बबलू यादव, जितेंद्र पचौरी, रामकिशन बबलू, दिलीप सिसोदिया, स्वदेश चौहान सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

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