
हाथरस 19 अगस्त। मंडी समिति परिसर में आरक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग को लेकर देश की महामहिम राष्ट्रपति के नाम हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। अभियान के माध्यम से आयोजकों ने आरक्षण का आधार जाति के बजाय गरीबी और आर्थिक स्थिति को बनाने की मांग उठाई। उनका कहना है कि इससे देश के प्रत्येक गरीब एवं वास्तविक जरूरतमंद व्यक्ति को समान रूप से अवसर मिल सकेगा। अभियान के दौरान “आरक्षण सुधार—सबका अधिकार, सबकी आवाज” का संदेश देते हुए निष्पक्षता, पारदर्शिता, समान अवसर, योग्यता आधारित व्यवस्था, सामाजिक न्याय एवं आर्थिक समानता को प्राथमिकता देने की बात कही गई। आयोजकों ने कहा कि संविधान लागू हुए 76 वर्ष बीतने के बावजूद देश में बड़ी संख्या में गरीब लोग आज भी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करने को मजबूर हैं। ऐसे में आरक्षण व्यवस्था के लाभ की वास्तविक पहुंच जरूरतमंद और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों तक सुनिश्चित करने की आवश्यकता है। आयोजकों ने कहा कि आरक्षण का आधार आर्थिक स्थिति होने से जातिगत भेदभाव और सामाजिक दूरी को कम करने में मदद मिल सकती है। उनका मानना है कि आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्ति को उसकी जाति से इतर आगे बढ़ने का समान अवसर मिलना चाहिए। इससे योग्यता के साथ समान अवसर की व्यवस्था मजबूत होगी और समाज के प्रत्येक वर्ग के गरीब लोगों को विकास की मुख्यधारा से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
अभियान के माध्यम से यह भी आह्वान किया गया कि हाथरस की आवाज जंतर-मंतर के आंदोलन में भी एक राष्ट्र और एक नागरिक की आवाज बने। आयोजकों ने कहा कि एक सशक्त, समृद्ध और एकजुट भारत का निर्माण तभी संभव है, जब विकास एवं अवसरों का लाभ वास्तविक जरूरतमंद लोगों तक पहुंचे। आयोजकों ने आरक्षण व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर गरीबी, आर्थिक पिछड़ापन और वास्तविक जरूरतमंद को प्रमुख आधार बनाने वाली व्यवस्था पर विचार करने की मांग की। साथ ही बताया कि हस्ताक्षर अभियान को आगे भी जारी रखा जाएगा और जल्द ही जिलाधिकारी के माध्यम से देश की महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन भेजा जाएगा। इस अवसर पर प्रवीन वार्ष्णेय, राजेश वार्ष्णेय, अनिल अग्रवाल, रवि कुमार गुप्ता, मुरारी चौधरी, भानुप्रकाश वार्ष्णेय, कन्हैया शर्मा, अंकुर अग्रवाल, नीतेश वार्ष्णेय, प्रवीन कोठरी, शिवशंकर गुलाठी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।












