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सादाबाद 08 सितम्बर। क्षेत्र के कुम्हरई और सरौंठ गांवों के पास आज सुबह नहर विभाग की लापरवाही से किसानों को नुकसान हो गया। बंबा की पटरियों का निरीक्षण किए बिना अचानक पानी छोड़ दिया गया। पानी के दबाव से बंबा की कच्ची पटरी टूट गई। इससे करीब डेढ़ सौ बीघा से ज्यादा खेतों में पानी भर गया। खेतों में खड़ी फसल पानी में डूबने से किसानों को फसल खराब होने की आशंका है। किसानों ने बताया कि नहर विभाग के कर्मचारी और अधिकारी पानी छोड़ने से पहले बंबा की पटरियों का मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं करते। किसानों का आरोप है कि कागजों में ही पटरी की जांच कर दी जाती है। गांव में सूचना दिए बिना ही अचानक बंबा में पानी छोड़ दिया जाता है। कई जगहों पर जंगली जानवरों द्वारा खोदी गई कच्ची पटरी पानी के तेज बहाव और दबाव को झेल नहीं पाती और टूट जाती है। इसका सीधा नुकसान किसानों को होता है। मंगलवार रात अचानक बंबा में पानी छोड़ने के बाद कुम्हरई के पास पटरी टूट गई। पानी तेजी से खेतों में पहुंचा और करीब 150 बीघा से ज्यादा कृषि भूमि में पानी भर गया। सुबह किसानों को इसकी जानकारी मिली तो बड़ी संख्या में किसान अपने खेतों पर पहुंचे। चारों ओर पानी भरा देख किसान परेशान हो गए। किसानों ने नहर विभाग के अधिकारियों को सूचना देने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि कई अधिकारियों के फोन बंद मिले। इसके बाद किसानों ने खुद ही पटरी को ठीक कराने का फैसला किया और जेसीबी मंगाई। करीब दो घंटे की कोशिश के बाद टूटी हुई पटरी को ठीक किया जा सका। हालांकि, तब तक बड़ी मात्रा में पानी खेतों में पहुंच चुका था। बंबा की पटरी टूटने से तेज बहाव के कारण एक नीम का पेड़ भी टूटकर बिजली लाइन पर गिर गया। इससे बिजली लाइन खराब हो गई और करीब आधा दर्जन बिजली के खंभे भी गिरकर टूट गए। इस वजह से बिजली सप्लाई ठप हो गई।

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