
मथुरा 16 मई । जीएल बजाज ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन मथुरा में शुक्रवार को प्रिंसिपल कॉन्क्लेव में देश के शिक्षाविदों, विभिन्न स्कूल-कॉलेजों के प्राचार्यों तथा विषय विशेषज्ञों ने शिक्षा के बदलते स्वरूप, नई शिक्षा नीति, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर अपने-अपने अनुभव साझा किए। प्रिंसिपल कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि देश के प्रसिद्ध शिक्षाविद् एवं पूर्व आईएएस अधिकारी अनिल स्वरूप ने कहा कि शिक्षा परीक्षा और अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए। प्रिंसिपल कॉन्क्लेव का शुभारम्भ विद्या की आराध्य देवी मां सरस्वती पर माल्यार्पण और दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। संस्थान की निदेशक प्रो. नीता अवस्थी ने अपने स्वागत सम्बोधन में मुख्य अतिथि शिक्षाविद् अनिल स्वरूप तथा सभी प्रतिभागियों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन शिक्षा जगत में संवाद और नवाचार को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डीन स्ट्रेटजी प्रो. शशांक अवस्थी ने कॉन्क्लेव के उद्देश्यों और उसकी रूपरेखा पर अपने विचार साझा किए। प्रो. अवस्थी ने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षा को व्यावहारिक, तकनीकी और मूल्य आधारित बनाना अत्यंत आवश्यक है। मुख्य अतिथि अनिल स्वरूप ने अपने सम्बोधन में कहा कि शिक्षा केवल परीक्षा और अंकों तक सीमित नहीं होनी चाहिए बल्कि विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी का विकास भी उतना ही आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों और प्राचार्यों को विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप तैयार करने तथा नवाचार-प्रेरित मानसिकता को बढ़ावा देने पर बल दिया। कॉन्क्लेव में शिक्षा क्षेत्र में तकनीक के उपयोग, डिजिटल लर्निंग, कौशल विकास और नई शिक्षा नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर भी विस्तार से चर्चा की गई। विभिन्न प्राचार्यों ने अपने अनुभव साझा करते हुए शिक्षा में नवाचार और गुणवत्तापूर्ण शिक्षण पर बल दिया। कॉन्क्लेव में व्यक्तिगत शिक्षण और कौशल-आधारित मूल्यांकन के माध्यम से शिक्षा में एआई की परिवर्तनकारी भूमिका, मार्गदर्शक के रूप में शिक्षकों की विकसित होती भूमिका पर भी बल दिया गया। शिक्षाविदों ने कहा कि सभी शैक्षिक संस्थानों को भविष्य के लिए तैयार शिक्षा प्रणाली हेतु प्रौद्योगिकी को सक्रिय रूप से अपनाने तथा उभरते तकनीकी रुझानों से तालमेल बिठाने की कोशिश करनी चाहिए। प्रिंसिपल कॉन्क्लेव के समापन अवसर पर संस्थान की ओर से मुख्य अतिथि एवं सभी प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। प्रिंसिपल कॉन्क्लेव की सफलता में रजिस्ट्रार विपिन धीमान, प्रो. भोले सिंह, प्रो. अजय उपाध्याय, प्रो. शशिशेखर गौतम, प्रो. शिखा गोविल, दिव्या ठाकुर, रामदर्शन सारस्वत, इंजीनियर विवेक मिश्रा आदि का विशेष योगदान रहा। एडमीशन कॉर्डिनेटर डॉ. अवधेश पांडेय ने सभी का आभार मानते हुए कहा कि यह कॉन्क्लेव शिक्षा जगत के लिए प्रेरणादायक और ज्ञानवर्धक पहल है। राष्ट्रगान के साथ प्रिंसिपल कॉन्क्लेव का समापन हुआ।


























