
हाथरस 25 जुलाई। प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत चालू वित्तीय वर्ष में एक भी पात्र लाभार्थी का पंजीकरण न कराने पर जिले की 355 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को अंतिम चेतावनी के साथ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। जिला कार्यक्रम अधिकारी (डीपीओ) धीरेंद्र उपाध्याय ने स्पष्ट किया है कि यदि माह के अंत तक स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो संबंधित कार्यकर्ताओं का मानदेय रोका जाएगा तथा आवश्यक होने पर सेवा समाप्ति तक की कार्रवाई भी की जा सकती है। समीक्षा बैठक के बाद डीपीओ धीरेंद्र उपाध्याय ने बताया कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के अंतर्गत पहली बार गर्भवती होने वाली महिला को दो किस्तों में ₹5,000 की आर्थिक सहायता तथा दूसरी बार गर्भधारण पर कन्या शिशु के जन्म की स्थिति में ₹6,000 की एकमुश्त सहायता सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है।
उन्होंने बताया कि जिले में अधिकांश आंगनबाड़ी कार्यकर्ता योजना के अंतर्गत संतोषजनक कार्य कर रही हैं, लेकिन विभागीय समीक्षा में यह सामने आया कि 355 कार्यकर्ताओं ने पूरे वित्तीय वर्ष में अपने क्षेत्र के एक भी पात्र लाभार्थी का आवेदन नहीं भरवाया। कई बार निर्देश और चेतावनी दिए जाने के बावजूद अपेक्षित सुधार नहीं होने पर अब अंतिम नोटिस जारी किया गया है। डीपीओ ने सभी बाल विकास परियोजना अधिकारियों (सीडीपीओ) को निर्देश दिए हैं कि कार्य में लापरवाही बरतने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पत्रावली 30 जुलाई तक कार्रवाई हेतु उपलब्ध कराई जाए, ताकि नियमानुसार आगे की कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। विभाग का कहना है कि प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना का उद्देश्य गर्भवती एवं धात्री महिलाओं को आर्थिक सहयोग प्रदान कर उनके स्वास्थ्य और पोषण स्तर में सुधार लाना है। ऐसे में पात्र महिलाओं का समय पर पंजीकरण सुनिश्चित करना आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।










