Hamara Hathras

Latest News

मथुरा 03 अक्टूबर। मिर्गी को लेकर समाज में आज भी अनेक भ्रांतियां हैं। जागरूकता के अभाव में दौरे के समय कई बार लोग मरीज की मदद करने के बजाय ऐसे कदम उठा लेते हैं, जो उसके लिए नुकसानदायक हो सकते हैं। केडी विश्वविद्यालय के चिकित्सा-शिक्षा संस्थान केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के न्यूरो फिजीशियन डॉ. बी गोस्वामी ने आमजन से अपील की है कि मिर्गी का दौरा पड़ने पर घबराएं नहीं, बल्कि शांत रहकर सही प्राथमिक सहायता दें। डॉ. गोस्वामी ने बताया कि मिर्गी एक न्यूरोलॉजिकल बीमारी है, मानसिक बीमारी नहीं। यह किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। दौरा पड़ने की स्थिति में सबसे पहले मरीज को सुरक्षित स्थान पर करवट लिटाना चाहिए तथा उसके आसपास मौजूद कठोर और नुकीली वस्तुओं को हटा देना चाहिए। मरीज के सिर के नीचे मुलायम कपड़ा रखा जा सकता है और गर्दन के आसपास के तंग कपड़ों को ढीला कर देना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से चेताया कि दौरे के दौरान मरीज के मुंह में चम्मच, उंगली, पानी अथवा कोई अन्य वस्तु बिल्कुल न डालें। ऐसा करने से मरीज को चोट लग सकती है। इसी तरह मरीज को जबरदस्ती पकड़कर उसके झटके रोकने का प्रयास भी नहीं करना चाहिए। दौरे के दौरान मुंह के रास्ते पानी या दवा देने से भी बचना चाहिए। डॉ. गोस्वामी के अनुसार, दौरा कब शुरू हुआ, इसका समय जरूर नोट करना चाहिए। सामान्यतः दौरा कुछ मिनट में रुक जाता है, लेकिन यदि दौरा पांच मिनट से अधिक समय तक चले, बार-बार दौरे आएं, सांस लेने में परेशानी हो या मरीज को गंभीर चोट लगी हो, तो तत्काल आपात चिकित्सा सहायता लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पहली बार दौरा पड़ने पर चिकित्सकीय जांच बेहद जरूरी है। बार-बार दौरे आने वाले मरीजों को न्यूरोलॉजिस्ट से परामर्श लेकर उचित उपचार कराना चाहिए। डॉक्टर द्वारा शुरू की गई मिर्गी की दवाओं को नियमित रूप से लेना चाहिए और अपनी इच्छा से दवा बंद नहीं करनी चाहिए, क्योंकि अचानक दवा बंद करने से दौरा दोबारा पड़ सकता है।

डॉ. गोस्वामी ने कहा कि मिर्गी को लेकर डर और सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने की आवश्यकता है। उचित चिकित्सकीय सलाह, नियमित उपचार और परिवार के सहयोग से मिर्गी से पीड़ित व्यक्ति सामान्य एवं सक्रिय जीवन जी सकता है। उन्होंने परिवार के सदस्यों से भी मरीज के प्रति संवेदनशील और सहयोगात्मक व्यवहार करने की अपील की। केडी मेडिकल कॉलेज-हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर के चेयरमैन मनोज अग्रवाल ने कहा कि स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए चिकित्सा सुविधाओं के साथ-साथ स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता भी आवश्यक है। ब्रजवासियों को समय पर सही चिकित्सकीय जानकारी और विशेषज्ञों की सलाह उपलब्ध कराना संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है। श्री अग्रवाल ने कहा कि मिर्गी जैसी बीमारियों को लेकर समाज में व्याप्त भ्रांतियों को दूर करने के लिए चिकित्सकों की सलाह आमजन तक पहुंचाना जरूरी है। उन्होंने ब्रजवासियों से अपील की कि बीमारी को छिपाने या अंधविश्वास का सहारा लेने के बजाय योग्य चिकित्सक से परामर्श लें और समय पर उपचार कराएं। श्री अग्रवाल ने कहा कि स्वस्थ ब्रज और स्वस्थ समाज के लिए केडी हॉस्पिटल भविष्य में भी स्वास्थ्य जागरूकता से जुड़े ऐसे प्रयासों के माध्यम से ब्रजवासियों की सेवा के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Related Posts

You cannot copy content of this page