हाथरस 03 अक्टूबर। तहसील हाथरस में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता करते हुए मंडलायुक्त अलीगढ़ मंडल ओ.पी. आर्य ने जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल एवं पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिन्हा के साथ जनसुनवाई की। मंडलायुक्त ने फरियादियों की शिकायतों और समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना तथा संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक प्रकरण का गुणवत्तापूर्ण, निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहना चाहिए। अधिकारी शिकायत की वास्तविक स्थिति की जांच करते हुए ऐसा समाधान सुनिश्चित करें, जिससे फरियादी को एक ही समस्या के लिए बार-बार अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में शिकायतों का निस्तारण करना प्रत्येक अधिकारी की जिम्मेदारी है। शिकायतकर्ता को अनावश्यक रूप से परेशान करने अथवा प्रकरण को लंबित रखने की स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी। मंडलायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में निस्तारित किए गए प्रकरणों के शिकायतकर्ताओं से स्वयं अथवा संबंधित माध्यम से संपर्क कर यह सत्यापित किया जाए कि वे निस्तारण से वास्तव में संतुष्ट हैं या नहीं। उन्होंने कहा कि केवल पोर्टल पर शिकायत का निस्तारण दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि शिकायतकर्ता की वास्तविक संतुष्टि ही प्रभावी निस्तारण का आधार है। यदि कोई शिकायतकर्ता निस्तारण से असंतुष्ट पाया जाता है तो संबंधित प्रकरण की दोबारा समीक्षा करते हुए निस्तारण की गुणवत्ता एवं संबंधित अधिकारी की कार्यप्रणाली की जांच की जाए।
विभागीय स्टॉलों का किया निरीक्षण, पात्रों को योजनाओं से जोड़ने के निर्देश
सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर मंडलायुक्त ने जिला पूर्ति कार्यालय, जल निगम, बेसिक शिक्षा विभाग, कृषि विभाग, श्रम विभाग, समाज कल्याण, महिला कल्याण, अल्पसंख्यक कल्याण, उद्योग विभाग तथा बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग सहित विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का गहन निरीक्षण किया। उन्होंने विभागीय योजनाओं, पात्र लाभार्थियों और योजनाओं की प्रगति के संबंध में अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस में आने वाले लोगों को शासन द्वारा संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की स्पष्ट एवं सही जानकारी उपलब्ध कराई जाए। पात्र व्यक्तियों का मौके पर ऑनलाइन पंजीकरण कराकर उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न की जाए। मंडलायुक्त ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उसका लाभ पात्र एवं जरूरतमंद व्यक्ति तक समय से पहुंचे। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा और धरातल पर लाभार्थियों को मिल रहे लाभ का सत्यापन करने के निर्देश दिए। इस दौरान मंडलायुक्त ने मुख्यमंत्री कृषक दुर्घटना कल्याण योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को पांच-पांच लाख रुपये के डेमो चेक तथा राज्य आपदा मोचक निधि के अंतर्गत लाभार्थियों को डेमो चेक वितरित कर लाभान्वित किया। वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के अंतर्गत दो लाभार्थियों को उद्योग स्थापना के लिए पांच-पांच लाख रुपये के डेमो चेक प्रदान किए।
मातृ-शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण पर विशेष जोर
बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग के स्टॉल के निरीक्षण के दौरान मंडलायुक्त ने आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को गर्भवती महिलाओं की प्राथमिकता के आधार पर पहचान कर उनकी नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने गर्भवती महिलाओं के नियमित टीकाकरण के साथ उन्हें पोषाहार एवं संतुलित आहार के महत्व के प्रति जागरूक करने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि गर्भवती माताओं को समय से बेहतर पोषण और आवश्यक स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जाए तथा उनकी नियमित देखभाल सुनिश्चित की जाए, जिससे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य में सुधार हो और कम वजन वाले बच्चों के जन्म की स्थिति में कमी लाई जा सके।
श्रम विभाग से मांगी योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट
मंडलायुक्त ने श्रम विभाग द्वारा संचालित योजनाओं की प्रगति की जानकारी लेते हुए निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्र श्रमिकों तक पहुंचना चाहिए। उन्होंने विभागीय अधिकारियों से योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट उपलब्ध कराने तथा योजनाओं के धरातलीय क्रियान्वयन की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनसमस्याओं के समाधान के साथ-साथ समाधान दिवस में आने वाले पात्र लोगों को विभागीय योजनाओं से जोड़ना भी प्राथमिकता में रखा जाए।
चारों तहसीलों में 339 शिकायतें, 32 का मौके पर निस्तारण
हाथरस तहसील में आयोजित समाधान दिवस में कुल 133 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए, जिनमें से 12 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। शेष शिकायतों को संबंधित विभागीय अधिकारियों को प्रेषित करते हुए निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए गए। इसके अलावा तहसील सिकंदराराऊ में 80 शिकायतों में से 4, तहसील सादाबाद में 112 शिकायतों में से 12 तथा तहसील सासनी में 14 शिकायतों में से 4 शिकायतों का मौके पर निस्तारण किया गया। इस प्रकार जिले की चारों तहसीलों में कुल 339 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें 32 का मौके पर निस्तारण किया गया। सम्पूर्ण समाधान दिवस के समापन पर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश पटेल ने मंडलायुक्त को आश्वस्त किया कि उनके द्वारा दिए गए निर्देशों का अक्षरशः अनुपालन सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि प्राप्त शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण के लिए सभी संबंधित विभागों को प्रभावी निर्देश जारी किए जाएंगे। इस अवसर पर सहायक विकास आयुक्त अलीगढ़ मंशाराम यादव, प्रभागीय वनाधिकारी, मुख्य विकास अधिकारी, जिला विकास अधिकारी, अपर जिलाधिकारी वि./रा., अपर जिलाधिकारी न्यायिक, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, उप जिलाधिकारी सदर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।











